जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों में चले मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के दौरान मृत, अनुपस्थित, शिफ्टिंग और डुप्लीकेट मतदाताओं के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। पहला नंबर शिफ्ट मतदाताओं का रहा। दूसरे नंबर पर अनुपस्थित, तीसरे पर मृत और चौथे पर डुप्लीकेट मतदाता रहे।
विधानसभा सिवालखास, सरधना, हस्तिनापुर, किठौर, मेरठ कैंट, मेरठ शहर और मेरठ दक्षिण से जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक केवल मृत मतदाताओं की संख्या 89,091 रही, अनुपस्थित 169001, शिफ्टिंग 300314 और डुप्लीकेट नाम 36,571 रहे। कटे वोटों की संख्या कुल 594,977 रही।
मृत मतदाताओं की बात करें तो पूरे जिले में सबसे ज्यादा मृत नाम मेरठ कैंट विधानसभा से चिन्हित हुए हैं जहां 14,636 मतदाता अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनके नाम अभी तक सूची में दर्ज थे। सरधना में 14,590, मेरठ दक्षिण में 14,065, किठौर में 11,892, सिवालखास में 11,084, हस्तिनापुर में 11,421 और मेरठ शहर में 11,403 मृत मतदाताओं के नाम पाए गए। अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय स्तर से मिली रिपोर्ट और घर-घर सर्वे के आधार पर इन्हें चिह्नित किया गया है।
अनुपस्थित मतदाताओं की श्रेणी पर नजर डालें तो यहां मेरठ दक्षिण सबसे आगे है, जहां 53,605 मतदाताओं को लंबे समय से अनुपस्थित या संदिग्ध पाया गया। मेरठ कैंट में 34,764, मेरठ शहर में 17,614, सरधना में 20,405, हस्तिनापुर में 15,232, किठौर में 14,052 और सिवालखास में 13,329 मतदाताओं के बारे में रिपोर्ट आई कि वे दिए गए पते पर नहीं मिल रहे। यह वे मतदाता हैं, जो या तो किसी दूसरी जगह जा बसे हैं या फिर काफी समय से क्षेत्र में नहीं दिखे।
शिफ्टिंग मतदाताओं की बात करें तो सबसे ज्यादा संख्या मेरठ कैंट में ही दर्ज की गई है, जहां 66,264 लोगों ने अपना निवास स्थान बदल लिया है। मेरठ दक्षिण में 57,608, मेरठ शहर में 43,592, सरधना में 38,555, हस्तिनापुर में 33,117, किठौर में 30,542 और सिवालखास में 30,636 मतदाता ऐसे मिले, जिनकी वोटर एंट्री पुरानी जगह पर है जबकि वे किसी दूसरी विधानसभा या जिले में जा चुके हैं।
डुप्लीकेट मतदाताओं पर नजर डालें तो सरधना यहां सबसे आगे है जहां 6,598 नाम दोहराव की श्रेणी में मिले। सिवालखास में 5,902, मेरठ दक्षिण में 6,124, किठौर में 6,451, मेरठ कैंट में 4,156, मेरठ शहर में 3,398 और हस्तिनापुर में 3,942 डुप्लीकेट मतदाता पाए गए।
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कोट
जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. वीके सिंह ने कहा है कि यदि किसी का नाम जुड़ना है तो वह निर्धारित फार्म 6,7 व 8 भरकर बीएलओ से संपर्क करे ताकि समय रहते सुधार किया जा सके और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हर वैध मतदाता की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।