विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में मेरठ जिले में छह लाख 64 लाख 647 वोटरों के नाम कटने से भाजपा में खलबली मची हुई है। सबसे अधिक वोटर मेरठ कैंट और मेरठ दक्षिण विधानसभा सीटों पर कटे हैं। इन दोनों ही सीटों पर भाजपा का कब्जा है। इससे बौखलाई भाजपा ने अपने संगठन को सक्रिय कर दिया है। अब विधानसभा से शुरू करके बूथ स्तर तक संगठनात्मक बैठकें की जा रही हैं, ताकि नोटिस देने के समय कार्यकर्ताओं को अभियान में जुटाकर स्थिति को संभाला जा सके।
मेरठ जिले की सात विधानसभा सीटों पर एसआईआर में 6.64 लाख वोटरों के नाम कटे हैं। सबसे अधिक वोट मेरठ दक्षिण सीट पर एक लाख 54 हजार 739 वोट कटे हैं। जबकि मेरठ कैंट सीट पर एक लाख 49 हजार वोटरों के नाम कटे हैं। मेरठ कैंट सीट पर अमित अग्रवाल विधायक हैं तो मेरठ दक्षिण सीट से ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर विधायक हैं।
इतनी बड़ी संख्या में वोट कटने से भाजपा खेमे में खलबली मची हुई है। पार्टी नेतृत्व ने जिला और महानगर इकाई को हालात संभालने के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की हिदायत दी है। इसके बाद से ही प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में भाजपा द्वारा बैठकें की जा रही हैं।
महानगर में पार्षदों को भी इस अभियान में जुटाया गया है। सूरजकुंड स्थित महानगर कैंप कार्यालय पर पार्षदों की बैठक लेकर बूथ को मजबूत करने पर जोर दिया गया। पार्टी की ओर से संगठनात्मक बैठक करने के लिए कहा जा रहा है लेकिन मुख्य जोर एसआईआर के बाद उपजी स्थिति को नियंत्रित करने पर है।
मेरठ दक्षिण विधानसभा की भी हुई बैठक
मेरठ दक्षिण के विधायक डॉ. सोमेंद्र तोमर के शास्त्रीनगर स्थित कैंप कार्यालय पर भी भाजपा के मंडल अध्यक्ष व पार्षदों की बैठक हुई। इसमें प्रत्येक अभियान में पार्षदों की भागीदारी पर जोर दिया गया। बैठक में महापौर हरिकांत अहलूवालिया, महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी, पूर्व महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन रितुराज, महानगर महामंत्री अरविंद गुप्ता मारवाड़ी, जिला पंचायत सदस्य गुड्डू गगोल आदि उपस्थित रहे।
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