यूनाइटेड ज्वैलर्स एंड मैन्यूफैक्चर्स फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल बताते हैं कि चांदी की मौजूदा छलांग सिर्फ निवेश की वजह से नहीं है। पिछले दशक में चांदी के औद्योगिक प्रयोग आसमान छू रहे हैं। सौर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन, कंपोनेंट्स हर जगह चांदी की मांग दोगुनी हुई है। इससे 2025 में कीमतें 56.63 डॉलर तक पहुंचीं।
व्यापारी संजीव जिंदल का कहना है कि जैसे-जैसे नई टेक्नोलॉजी बढ़ रही है, चांदी की खपत भी उछल रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी प्रत्यक्ष जैन जोड़ते हैं कि मुद्रास्फीति और आर्थिक अनिश्चितता में लोग सुरक्षित निवेश खोजते हैं।
सोने की तरह अब चांदी भी एक भरोसेमंद ‘हेज’ बन गई है। कुछ देशों के केंद्रीय बैंक भी इसे खरीद रहे हैं। इंडियन बुलियन ट्रेड कॉरपोरेशन के निदेशक आशुतोष अग्रवाल ने उम्मीद जताई कि अगर औद्योगिक मांग इसी तरह बढ़ती रही, तो चांदी 65–70 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है। भारतीय बाजार में यह सहज ही दो लाख रुपये प्रति किलो पार कर जाएगी।
सोना प्रति दस ग्राम, चांदी प्रति किलो के भाव
| भाव |
सोना |
चांदी |
| 28 नवंबर |
1,28,100 |
1,65,000 |
| 25 नवंबर |
1, 28,500 |
1,61,250 |
| 19 नवंबर |
1, 26,900 |
1,60,500 |
| 14 नवंबर |
1,28,300 |
1,64,400 |
| 13 नवंबर |
1,28,600 |
1,67,100 |
| 4 नवंबर |
1,22,000 |
1,51,000 |
| 1 नवंबर |
1,22,400 |
1,51,800 |