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हिंडन नदी के पुल पर झाड़ियों में छिपे संकेतक चिह्न बन रहे हादसों का कारण

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सरूरपुर। मेरठ-बड़ौत रोड पर हिंडन नदी के पुल पर झा​ड़ियों में छिने संकेतक चिन्ह। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सरूरपुर। मेरठ–बड़ौत मार्ग पर स्थित हिंडन नदी के जर्जर पुल पर झाड़ियों में छिपे संकेतक चिह्न हादसों का कारण बन रहे हैं। बावजूद इसके प्रशासन इन्हें नजरंदाज किए हुए हैं। लापरवाही के चलते एक माह के अंदर दो बड़े हादसे हो चुके हैं। विगत दिनों में पुल पर लगे हाइट गेज से टकराकर तीन श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। बुधवार को बागपत की सीमा क्षेत्र में पुल की दूसरी ओर एक ट्रक हाइट गेज से टकरा गया।
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मेरठ व बागपत जिले की सीमा पर स्थित हिंडन नदी का पुल पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। आगमन के लिए सेतु निगम ने पुल के बराबर में ही स्टील का अस्थायी पुल बना हुआ है। जर्जर पुल पर आगमन रोकने के लिए दोनों तरफ हाइट गेज लगाए हुए हैं। सुरक्षा के लिहाज से पुल के दोनों ओर वाहनों की दिशा और सावधानी के संकेतक चिह्न लगाए गए थे, लेकिन महीनों से इनकी सफाई न होने के कारण यह झाड़ियों और घास में पूरी तरह छिप गए हैं। इस कारण दूर से आने वाले वाहन चालकों को संकेतक समय पर नजर नहीं आते और वह अचानक मोड़ या दिशा परिवर्तन के समय संतुलन खो बैठते हैं। पिछले कुछ दिनों में यहां कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। इनमें तीन श्रद्धालुओं की मौत भी हो चुकी है। रात के समय यह खतरा और बढ़ जाता है, क्योंकि संकेतकों पर लगी रिफ्लेक्टिव टेप भी धूल और काई की परत से ढक गई है। इससे वह रोशनी में भी स्पष्ट नहीं दिखते।
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सेतु निगम के अवर अभियंता राहुल मलिक का कहना है कि रोड पर लगे संकेतक चिह्न के पास झाड़ियों को साफ कराकर कर रोड पर गति अवरोधक बनवाए जाएंगे।
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