मेरठ। असौड़ा हाउस स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में सिद्ध चक्र विधान हुआ। इसमें 128 अर्घ्य मांडले पर अर्पित किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ हुआ। अभिषेक जैन शास्त्री ने बताया कि जैन शास्त्रों में इस विधान का विशेष महत्व है। इसमें कविवर संतलाल ने भगवान का विस्तृत गुणगान किया है। स्वार्थ रहित कर्म से ही सिद्धि मिलती है। अनंत सिद्ध परमात्मा लोक के अग्रभाग में विराजमान है। सिद्धों का समुदाय ही सिद्ध चक्र कहलाता है। रचित जैन ने बताया कि संध्याकालीन सभा में महामंगल आरती की गई। इस अवसर पर विनोद जैन, शोभा, लकी जैन, विपुल जैन, हेमचंद्र जैन, मंजू सहित अन्य मौजूद रहे।
भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु
- श्री दिगंबर जैन मंदिर सदर में भजन संध्या का आयोजन किया गया। गायक दीपेंद्र कुमार जैन और देवेंद्र कुमार जैन राजू ने भजन सुना कर लोगों को भक्ति रस सराबोर कर दिया। इस दौरान जैन धर्म से जुड़ीं महत्वपूर्ण बातें बताई गईं। इस अवसर पर संजय जैन, सुनील जैन, मनीष जैन सहित अन्य मौजूद रहे।