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घायल दरोगा की हालत बेहतर: पहलवानी के बूते 30 वर्ष पहले PAC में भर्ती हुए थे मुन्नेश, साढ़े सात घंटे चला ऑपरेशन

Wed, 24 Jan 2024 11:11 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

Meerut News : मेरठ में कार लूटने के बाद दरोगा को सीने में गोली मार दी। बताया गया कि बेखौफ बदमाशों ने हाईवे से जली कोठी पहुंचकर चाय भी पी।
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कंकरखेड़ा चौकी प्रभारी - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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दिल्ली-देहरादून हाईवे पर सोमवार रात 12.30 बजे लूट करने के बाद गोली मारने वाले बदमाश कई घंटे तक शहर में घूमते रहे लेकिन पुलिस सोती रही। हालांकि घायल दरोगा की हालत स्थिर बनी हुई है। दरोगा मुन्नेश का गाजियाबाद के मैक्स अस्पताल में साढ़े सात घंटे ऑपरेश चला, जिसके बाद चिकित्सक दरोगा के सीने से गोली निकालने में सफल हुए। 

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बदमाश तीन घंटे तक शहर में घूमते रहे। बदमाश कंकरखेड़ा से टीपीनगर, रेलवे रोड, ब्रहमपुरी, लिसाड़ी गेट, देहली गेट और सदर बाजार थाने की सीमा से निकले लेकिन पुलिस सोती रही। बदमाशों ने जली कोठी पर रात को दो बजे चाय पी और वहीं पर गाड़ी की नंबर प्लेट भी बदली। इसके बाद जब बदमाशों ने घिरने पर गोलियां चलाईं तो पुलिसकर्मियों के हाथ भी बंध गए। किसी ने जवाबी फायरिंग नहीं की। अगर फायरिंग की जाती तो बदमाश पकड़े जाते।

बरामद कार - फोटो : Amar Ujala
कंकरखेड़ा हाईवे स्थित एचआर गार्डन रिजॉर्ट के बाहर सोनू सैनी से सेंट्रो लूटने के बाद बदमाश हाईवे से होते हुए बागपत रोड पहुंचे। जीपीएस से पता चला कि यहां से टीपीनगर थाने के सामने होते हुए माधवपुरम होते हुए खत्ता रोड, कबाड़ी बाजार से होते हुए जली कोठी पर पहुंच गए। यहां से बच्चा पार्क वाले रास्ते में एक खोखे पर बदमाशों ने चाय पी।

यहीं पर गाड़ी पर लगी दिल्ली नंबर की प्लेट डीएल4सी-बीए-2286 को बदलकर मेरठ नंबर की यूपी15-एक्यू-1941 प्लेट लगाई। इसके बाद वे फिर से सदर बाजार इलाके से होते हुए श्रद्धापुरी फेस 2 के पीछे लाला मोहम्मदपुर नाला रोड पर पहुंच गए।

सुबह 3.40 पर उन्होंने गाड़ी नाला रोड पर रोक रखी थी। इसी बीच जीपीएस की लोकेशन के जरिए हाईवे चौकी इंचार्ज मुन्नेश सिंह कसाना, हेड कांस्टेबल परवेंद्र मलिक, कांस्टेबल रविंद्र और हेड कांस्टेबल सचिन खैवाल मौके पर पहुंचे तो गाड़ी बैक करते समय पुलिस की गाड़ी से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई। बदमाशों ने जब पुलिस पर फायरिंग की तो पुलिसकर्मियों ने कोई जवाबी फायरिंग भी नहीं की।

दरोगा मुन्नेश का फाइल फोटो - फोटो : Amar Ujala
कंट्रोल रूम को सूचना दे देते तो पकड़े जाते बदमाश
सेंट्रो लूट की वारदात की सूचना चौकी इंचार्ज मुन्नेश सिंह ने किसी को नहीं दी। उन्हें लगा कि सेंट्रो बरामद करने के बाद ही अधिकारियों को सूचना देंगे। अगर समय से बदमाशों के बारे में सूचना दे दी जाती तो जीपीएस लोकेशन के जरिए वे पकड़े जा सकते थे।

कंकरखेड़ा इलाके के ही हो सकते हैं बदमाश
बदमाश गाड़ी लूटने के लिए पैदल ही पहुंचे। इसके बाद जिस तरह से वे दोबारा कंकरखेड़ा इलाके में गए, उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि बदमाश आसपास के ही हैं। पुलिस को भ्रमित करने के लिए वे शहर में घूमते रहे ताकि पुलिस अगर सीसीटीवी चेक करे तो वे पकड़ में न आएं।

दरोगा मुन्नेश का फाइल फोटो - फोटो : Amar Ujala
मूल रूप से आगरा के रहने वाले मुन्नेश सिंह
मुन्नेश सिंह कसाना पुत्र दीवान सिंह आगरा के चित्राहट थाना क्षेत्र के ग्राम बलियापुरा के रहने वाले हैं। फिलहाल वे पत्नी बच्चों के साथ कंकरखेड़ी की यूरोपियन स्टेट कॉलोनी में किराए पर रहते हैं। परिवार में पत्नी अर्चना, बड़ा बेटा अंकित (24), बेटी साधना (23) व अंजली (17) हैं। बेटी साधना की शादी हो चुकी है।

अस्पताल पहुंचा दरोगा मुन्नेश का परिवार - फोटो : Amar Ujala
परिजन पहुंचे अस्पताल, माता-पिता को नहीं दी जानकारी
दरोगा मुन्नेश सिंह को गोली लगने की खबर आगरा के चित्राहाट थाना क्षेत्र के बलीकापुरा गांव में परिजनों को मिली तो वे गाजियाबाद के लिए रवाना हो गए। भाई वीरेंद्र सिंह, चचेरे भाई सुधीर गुर्जर, चाचा माखन सिंह, नरेश सिंह आदि हॉस्पिटल पहुंचे। पिता दिमान सिंह और माता राजाबेटी फिरोजाबाद में रहते हैं, उनको अभी गोली लगने की सूचना नहीं दी गई है।

चौकी इंचार्ज मुनेश - फोटो : Amar Ujala
पहलवानी के बूते 30 साल पहले पीएसी में हुए थे भर्ती
मुन्नेश सिंह 1993 में पीएसी में आरक्षी पद भर्ती हुए। विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वर्ष 2013 में वे दरोगा बने। एक साल पहले उनकी पोस्टिंग गाजियाबाद से मेरठ हुई। गाजियाबाद में वे भोजपुर थाना प्रभारी रहे। मेरठ में बिजली बंबा चौकी इंचार्ज रहे। जुलाई महीने से कंकरखेड़ा की हाईवे चौकी के इंचार्ज हैं। 
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अस्पताल में दरोगा - फोटो : Amar Ujala
साढ़े सात घंटे चला ऑपरेशन
गाजियाबाद के वैशाली में सेक्टर-एक स्थित मैक्स अस्पताल के प्रबंधन ने बताया कि दरोगा मुन्नेश की छाती के दाहिनी तरफ गोली लगने के बाद उन्हें सुबह करीब नौ बजे अस्पताल लाया गया था। इससे पहले मेरठ के एक स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार किया गया था। सुबह 10 बजे से ऑपरेशन शुरू हुआ। इस दौरान डॉक्टर की टीम ने सीने से एक गोली निकाली। शाम साढ़े पांच बजे तक ऑपरेशन किया गया। उसके बाद मुनेश को आईसीयू में भेज दिया गया। कार्डिएक और थोरेसिक सर्जनों की टीम देखभाल कर रही है।
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