एंटी करप्शन मेरठ शाखा के एसआई संजीव चौहान की मौत के मामले में पुलिस ने चार चिकित्सकों को नोटिस जारी किया है। सोमवार को नौचंदी थाने की तरफ से चिकित्सकों के बयान दर्ज कराने के लिए धारा-160 (साक्ष्य प्रस्तुत करने और बयान दर्ज कराने) का नोटिस रिसीव कराया गया। पुलिस के मुताबिक, चिकित्सकों को बयान दर्ज कराने के लिए एक फरवरी को बुलाया गया है। उधर, आईएमए ने कहा है कि सभी चिकित्सक कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं। अभी तक की जांच में चिकित्सकों को क्लीनचिट मिली है। आगे भी जो जांच या पूछताछ होगी, उसमें चिकित्सक अपना पक्ष तथ्यों के साथ रखेंगे।
संजीव चौहान के भाई एडवोकेट डॉ. राजीव चौहान का कहना है कि पुलिस ने नोटिस रिसीव कराया है। हमारी तरफ से भी कुछ साक्ष्य जुटाए गए हैं। आरोप लगाया कि इन तथ्यों के आधार पर इलाज की पूरी प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में है। अगर मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की कमेटी ने क्लीनचिट दी है तो हमने उसे कुछ साक्ष्यों के आधार पर चुनौती दी है। छह फरवरी मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की एथिकल कमेटी के सामने चारों चिकित्सकों को पेश होना है। इस दौरान हम भी ठोस साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष रखेंगे। गौरतलब है कि, संजीव चौहान को 24 सितंबर 2015 को गढ़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉ. राजीव चौहान का कहना है कि उन्हें कमजोरी की शिकायत पर भर्ती कराया था और 25 सितंबर को उनकी हालत सामान्य नहीं थी। लेकिन, चिकित्सकों ने ठीक बताकर अस्पताल से छुट्टी दे दी। घर लेकर पहुंचे तो उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई, जिसके बाद उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि संजीव को कुछ दवाएं एक्सट्रा डोज में दी गईं, जिसके चलते उनकी जान चली गई।