गैस सिलेंडर का भुगतान पेटीएम से करने का सपना धराशायी होता दिख रहा है। यानी व्यवस्था शुरू होने से पहले ही डगमगा गई है। पेटीएम कंपनी को गैस वितरकों से डाटा लिए 15 दिन बीत चुके हैं, अभी तक भी पेटीएम सुविधा शुरू नहीं की गई है। गैस वितरकों को इंतजार है कि कब पेटीएम व्यवस्था शुरू हो। कब वह अपनी व्यवस्था में बदलाव करें। अब तो 16 दिसंबर से पुराने 500 के नोट गैस के भुगतान में बंद होने के कारण गैस वितरकों के सामने कुछ दिक्कतें आनी शुरू हो गई हैं। जहां 10 के सिक्कों से गैस सिलेंडर का भुगतान मिल रहा है। वहीं दो हजार के नोट भी अधिक आ रहे हैं।
पुराने नोट बंदी के फरमान के बाद ऑन लाइन पेमेंट के लिए पेटीएम कंपनी सामने आयी। पेटीएम कंपनी के लोगों ने जनपद के गैस वितरकों के साथ बैठक करके शीघ्र ही पेटीएम सुविधा देने की बात कही थी। इतना ही नहीं पेटीएम कंपनी के अधिकारियों ने गैस वितरकों से रिकार्ड भी लिया था। एक सप्ताह के भीतर सुविधा देने की बात कही थी। दो सप्ताह बीत चुके हैं लेकिन अभी तक भी पेटीएम सुविधा शुरू नहीं हो पायी है। जिसके कारण गैस उपभोक्ता और गैस वितरक के बीच खुले और नए नोट को लेकर पनपी समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। इस संबंध में शनिवार को गैस वितरकों से बात की गई तो समस्या सामने आयी।