फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कफन प्रकरण : व्यापारी की पत्नी ने पुलिस के खुलासे पर उठाए सवाल, एडीजी ने एएसपी मनीष मिश्र को सौंपी जांच

Thu, 13 May 2021 10:22 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ/बागपत

सार

महिला ने कहा- साजिश के तहत पति सहित सात लोगों को फंसाया, एडीजी ने एएसपी मनीष मिश्र को सौंपी जांच, कार्रवाई का भरोसा दिलाया
विज्ञापन
पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बागपत जिले से जुड़ा कफन प्रकरण गुरुवार को  मेरठ में एडीजी के दरबार में पहुंच गया। इस मामले में आरोपी कपड़ा व्यापारी प्रवीण कुमार जैन की पत्नी जयश्री ने पुलिस के खुलासे पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि पुलिस ने पति सहित सात लोगों को साजिश के तहत फंसाया है। बड़ौत पुलिस पर आरोपों के बाद एडीजी राजीव सभरवाल ने मामले की जांच एएसपी मनीष मिश्र को सौंप दी है।  उन्होंने व्यापारी के परिजनों को न्यायोचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

विज्ञापन


बड़ौत नगर पालिका परिषद के चेयरमैन अमित राणा और भाजपा नेता आनंद जैन बृहस्पतिवार को एडीजी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान नई मंडी कस्बा बड़ौत निवासी जयश्री भी उनके साथ मौजूद रहीं। एडीजी से वार्ता में जयश्री ने बताया कि 8 मई की शाम कस्बा चौकी पुलिस उनके पति प्रवीण कुमार जैन, पुत्र आशीष और भतीजे ऋषभ जैन को पकड़ कर ले गई। इसके अलावा उनकी दुकान पर काम करने वाले कर्मचारियों श्रवण शर्मा, राजू शर्मा, बबलू और शाहरुख को भी हिरासत में ले लिया गया। 

जयश्री का आरोप है कि पुलिस ने झूठी कहानी तैयार की और सात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं के अलावा महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई कर जेल भेजा। जयश्री के मुताबिक पुलिस ने इस प्रकरण में कब्रिस्तान और श्मशान से मुर्दों के कफन चोरी करने का उल्लेख किया है, जबकि जिस कफन की चोरी पुलिस बता रही है, उसकी चोरी होना संभव नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म के अनुसार मुर्दे को जो सफेद कपड़े पहनाए जाते हैं, वह शव के साथ ही चिता में जला दिए जाते हैं। मुस्लिम समाज के लोग भी शव को कफन के साथ ही कब्र में दफना देते हैं। हिंदू समाज की परंपरा के अनुसार मुर्दे के ऊपर परिजन और रिश्तेदार जो कपड़े डालते हैं, वह शमशान में जमादार को दिया जाता है या फिर श्मशान में रहने वाले पंडित आचार्य ले लेते हैं।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने किसी भी थाने में कफन चोरी से जुड़ा कोई भी मामला दर्ज होना स्वीकार नहीं किया है। इससे लगता है कि साजिश के तहत कफन चोर बताकर उनके परिवार को बदनाम किया गया है। महामारी फैलाने का भी गलत आरोप लगाया गया है।

महिला के अनुसार प्रदेश सरकार के नियमानुसार कोविड संक्रमित शव अस्पताल से ही पैक कर सीधे श्मशान में अथवा कब्रिस्तान पहुंचाया जाता है। अंतिम संस्कार के समय कोई कपड़ा अर्थी या जनाजे पर नहीं होता है। ऐसे हालात में कफन चोरी कर कोई कैसे कोरोना संक्रमण फैला सकता है। उन्होंने इस मामले में पुलिस की भूमिका सहित निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। एडीजी ने जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें