मेरठ। हिंदू धर्म में पवित्र माने जाने वाले श्रावण मास का शुभारंभ शुक्रवार से हो रहा है। इसके लिए मंदिरों में तैयारियां जोर-शोर से पूरी कर ली गई हैं। भगवान शिव को समर्पित इस माह में कांवड़ यात्रा और जलाभिषेक का विशेष महत्व है। एक दिन पूर्व ही दिल्ली सहित एनसीआर के कांवड़ियों ने हाईवे के मंदिरों में जलाभिषेक आरंभ कर दिया है। शिवालयों में कांवड़ियों को सेवा दी जा रही है। मोदीपुरम में कई सेवा शिविर आरंभ हो गए हैं।
शहर के प्रमुख मंदिर जिसमें बाबा औघड़नाथ मंदिर, नागेश्वर महादेव मंदिर और रामायण कालीन महाबिलेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक की तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। 11 जुलाई से सुबह 4 बजे से मंदिरों में जलाभिषेक शुरू होगा। श्रावण मास भगवान शिव की भक्ति और साधना का विशेष समय माना जाता है। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलोजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि इस बार सावन 11 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त को रक्षाबंधन पर समाप्त होगा। इस दौरान चार सावन सोमवार पड़ेंगे, जिनमें पहला सोमवार 14 जुलाई को होगा। मेरठ में कांवड़ यात्रा के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। मेरठ बाईपास, मोदीपुरम और अन्य प्रमुख मार्गों पर कांवड़ियों की सुविधा के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में शिविरों में भंडारे और स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था शुरू हो चुकी है, जबकि अन्य जगह तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
- औघड़नाथ मंदिर में आएंगे 2 लाख कावंड़िये
बाबा औघड़नाथ मंदिर समिति अध्यक्ष सतीश सिंघल ने बताया कि इस बार मंदिर में पहली बार 2 लाख कांवड़ियों के जलाभिषेक करने की उम्मीद है। मंदिर समिति के साथ जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर बैठकें की हैं। डीआईजी के निर्देशन में मेरठ, बुलंदशहर, बागपत, और हापुड़ में कांवड़ मार्ग को 57 जोन और 155 सेक्टर में बांटा गया है। 838 शिविर जिले में आसपास और हाईवे पर 464 शिविर शामिल हैं। सुरक्षा के लिए ड्रोन, सीसीटीवी, और 8,688 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जिसमें 1,166 महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
- मंदिरों में रहेगी सजावट
श्रावण मास के आरंभ से ही मंदिर लाइटों से जगमगाते रहेंगे। बाबा औघड़नाथ मंदिर के अतिरिक्त नागेश्वर महादेव, महाबिलेश्वर नाथ मंदिरों में विशेष सजावट परंपरा अनुसार की गई है। मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है।
- गोमुख से भी आ रहे कांवड़िये
शहर में राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली के कांवड़ियों को आगमन आरंभ हो गया है। यह कांवड़िया हरिद्वार ही नहीं गंगोत्री और गोमुख से कांवड़ लेकर आ रहे हैं। इस बार हरिद्वर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार कांवड़ियों से समय से पूर्व यात्रा आरंभ कर दी है। गोमुख और गंगोत्री से कांवड़ लाने वालों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में जिला प्रशासन भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।