मेरठ। बदलते मौसम और बढ़ती ठंड में जुकाम के बाद खांसी, कफ, सांस और हृदय संबंधी रोग बढ़ रहे हैं। बुखार भी तीन से चार दिन में ठीक होने के बाद दोबारा लौट कर आ रहा है। सांस लेने में तकलीफ, गले में दर्द और बोलने में समस्या आम हो गई है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में ओपीडी की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
दोनों सरकारी अस्पतालों में मिलाकर ओपीडी की संख्या 2500 से अधिक रही। इसमें सर्वाधिक हृदय और सांस संबंधी रोग से ग्रस्त लोग रहे। जिला अस्पताल इमरजेंसी प्रभारी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि सर्दी से ज्यादा प्रदूषण के कारण लोग सांस संबंधी रोगों से ग्रस्त हो रहे हैं। इसमें सांस लेने में तकलीफ, सिर दर्द, जुखाम, सीने में जकड़न, कफ, खांसी समस्या सर्वाधिक है। बुखार के मरीज कम हुए हैं लेकिन बहुत से लोग बुखार ठीक होने के बाद ठंड से बचाव नहीं करते ऐसे में बुखार भी वापस लौटकर आ रहा है। इमरजेंसी में भी 70 से 100 के आसपास मरीज आ रहे हैं।
मास्क का प्रयोग करें, सीबीसी जांच कराएं
क्रिटिकल केयर सोसायटी के मेरठ अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन ने बताया कि मास्क पहने और सीबीसी परीक्षण यानी पूर्ण रक्त गणना परीक्षण कराएं। इस जांच में अनीमिया, ल्यूकेमिया और अन्य संक्रमणों सहित रोगों की एक विस्तृत शृंखला का पता लगाने के लिए रक्त का परीक्षण किया जाता है। सर्दियों में विभिन्न तरह के वायरस भी बढ़ रहे हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर संक्रमण बढ़ रहे हैं।
सर्दियों में यह रखें सावधानी
- हाथों में ग्लव्ज, सिर पर कैप, मुंह पर मास्क, पैरों में जूते मोजे पहनें।
- छाती को अच्छे से ढक कर रखें।
- गुनगुने पानी का सेवन करें।
- हल्का और सुपाच्य भोजन करें।
- मौसमी सब्जियों का सेवन करें और गर्म भोजन करें।
मरने वालों की संख्या भी बढ़ी
सर्दी के मौसम में शहर में होने वाली मृत्यु की संख्या भी 7 से बढ़कर 20 तक पहुंच गई है। इसमें सर्वाधिक मृतकों की आयु वर्ग 57 वर्ष से 70 वर्ष के बीच है। यह आंकड़ा बीते पंद्रह दिनों में ही बढ़ा है। गंगा मोटर कमेटी से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार नवंबर मध्य में सिर्फ दो से तीन लोग हरिद्वार या ब्रजघाट बस लेकर जा रहे थे। अब उनकी संख्या प्रतिदिन पांच से सात हो गई है। बीते 15 दिनों में सर्दी बढ़ने के साथ 13 से 15 अंतिम संस्कार सूरजकुंड में किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट
सर्दियों में बढ़ती श्वास संबंधी बीमारियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा गया है। बढ़ती सर्दी के चलते सांस संबंधी दिक्कत, बच्चों में निमोनिया की समस्या बढ़ी है। सर्दी में बाहर गर्म कपड़े पहनकर निकले, गर्म पानी पिए, समस्या होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। - अशोक कटारिया, सीएमओ, मेरठ