मकान बनाने के लिए उधार लाकर रखे थे रुपये
हरपाल की पत्नी सावित्री ने बताया कि हादसे में उसके घर में रखी 80 हजार रुपये की नकदी, बिस्तर, चारपाई, कपड़े, अनाज आदि सहित लगभग तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। हरपाल ने छप्पर का कच्चा घर बना रखा था। वह किसी तरह मेहनत मजदूरी कर ठेके पर जमीन लेकर अपने परिवार का गुजारा कर रहा था। उसने मकान बनाने के लिए 60 हजार रुपये जमीन मालिक और 25 हजार किसी रिश्तेदार से लाकर घर पर रखे थे। वह अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और दो बेटी छोड़ गया।
ग्रामीणों ने की मकान बनवाने और आर्थिक मदद की मांग
गांव के चमन सिंह, जीत सिंह, महेश, सुनील, कुलदीप, गुरदीप, जोगेंद्र सिंह, बलविंदर सिंह ने तहसील प्रशासन से मृतक के परिवार का मकान बनवाने और मुआवजा दिलाने की मांग की है। ग्राम प्रधान पति दर्शन सिंह रावत ने भी पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद कराए जाने का आश्वासन दिया। वहीं, हलका लेखपाल ऋषिपाल सिंह मौके पर पहुंचे। घटना स्थल का जायजा लिया। एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि मौके पर भेजकर घटना की जांच करा ली गई है। रिपोर्ट आने पर पीड़ित परिवार को शासन से हरसंभव मदद दिलाई जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना में नंबर वन है अफजलगढ़ ब्लॉक
जिस अफजलगढ़ ब्लॉक को प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रदेश में पहला स्थान दिया गया है, यह घटना उसी ब्लॉक के गांव में हुई है। सवाल यह है कि अब भी लोग छप्पर के कच्चे मकानों में रह कर गुजारा कर रहे हैं, तो ब्लॉक को प्रथम स्थान किस आधार पर दे दिया गया। छप्पर के घर में आग लगने से किसान की मौत की घटना से यह साबित होता है कि योजनाओं का क्रियान्वयन केवल कागजों में ही किया जाता है और जनता सुविधाओं से वंचित ही रहती है।
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