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सेंट्रल मार्केट मामला : कॉम्पलेक्स के आवंटी के बेटे के खिलाफ उतरे दुकानदार

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मेरठ। शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट के भूखंड संख्या 661/6 का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आवासीय भवन 661/6 में बनाए गए व्यावसायिक निर्माण को 25 व 26 अक्तूबर को ध्वस्त कर दिया गया था। इसी मामले में बुधवार को मूल आवंटी वीर सिंह के बेटे दुष्यंत कुमार ने उप आवास आयुक्त से कब्जा दिलाने की मांग की थी। अब बृहस्पतिवार को दुष्यंत के विरोध में कई दुकानदार उतर आए। उन्होंने कहा कि आवासीय भवन में बनी दुकानों को व्यावसायिक दरों पर खरीदा गया है।
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व्यापारी नेता किशोर वाधवा, रजत गोयल, राजीव गुप्ता, रजत अरोड़ा, हरेंद्र, राकेश मदान, मनदीप सिंह, संदीप सिंह, अमरदीप सिंह, राजेंद्र बड़जात्या, संगीता जैन, शकुंतला देवी, डा. गोयल, पूनम व सतनाम सहित अन्य का कहना है कि दुष्यंत का दावा बेबुनियाद है। व्यापारियों ने बताया कि इस प्लॉट का आवंटन 1984 में वीर सिंह के नाम हुआ था। आवंटी ने 1989 में 12 दुकानें बनाकर किराए पर दे दी थीं। हम सभी व्यापारियों ने समय के साथ अपनी-अपनी दुकानें 1994 से 2010 तक व्यावसायिक बैनामे से वीर सिंह से खरीद लीं। इसमें भी हमें धोखे में रखकर आवासीय भूखंड पर व्यावसायिक स्टाम्प शुल्क लेकर रजिस्ट्री की गई।
उन्होंने बताया कि इन दुकानों के पिछले भाग में कुछ भूमि रिक्त थी, जिसका मुख्तारनामा वीर सिंह द्वारा विनोद अरोड़ा सन 2012 में कर दिया गया। विनोद अरोड़ा ने इस भूमि पर निर्माण करके बैनामे कर दुकानें बेच दीं। सन 1989 से 2025 तक सभी व्यापारी अपनी-अपनी दुकानों पर काबिज हैं। इसके लिए आवास एवं विकास कार्यालय में सभी दस्तावेज जमा भी किए हैं।
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