सिविल लाइन स्थित कोठी में वन्य जीवों के अंग और खाल मिलने के मामले में शूटर प्रशांत के बाद अब उसके पिता रिटायर्ड कर्नल को भी कोर्ट ने जेल भेज दिया। स्पेशल जज ने अंतरिम जमानत खारिज करते अब जमानत की सुनवाई के लिए 10 जनवरी की तिथि नियत की है।
दिल्ली की डीआईआर टीम ने अप्रैल महीने में सिविल लाइन क्षेत्र में महिला थाने के सामने पाश कॉलोनी में रिटायर्ड कर्नल देवेंद्र सिंह की कोठी पर छापा मारा था। जहां पर काफी संख्या में वन्य जीवों के अंग और खाल मिली थी। डीआरआई की तरफ से सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस के मुताबिक रिटायर्ड कर्नल का इकलौता बेटा प्रशांत विश्नोई वन्य जीवों की तस्करी करता था।
आरोपी प्रशांत विश्नोई ने दिल्ली में आत्म समर्पण कर दिया था। प्रशांत को 07 जून 2017 को एसीजेएम कोर्ट संख्या 4 के न्यायालय में पेश किया गया। सिविल लाइन में दर्ज मुकदमे में वारंट बनाकर प्रशांत को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। डीआरआई ने प्रशांत के पिता देवेंद्र सिंह को इस मामले में मुल्जिम बनाया था।
देवेंद्र सिंह ने सोमवार को एसीजेएम कोर्ट संख्या 04 के न्यायालय में आत्म समर्पण कर दिया। इसके बाद एसीजेएम की अदालत से जमानत अर्जी दी गई। जिसे अदालत ने गंभीर अपराध पाते हुए खारिज कर दिया। इसके बाद जिला जज के न्यायालय में कर्नल देवेंद्र सिंह की तरफ से अर्जी दी गई तथा साथ ही अंतरिम जमानत का भी प्रार्थना पत्र दिया गया। इसकी सुनवाई स्पेशल जज (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट) के न्यायाधीश विनय द्विवेदी के न्यायालय में हुई।
जहां पर वन विभाग की तरफ से पैरवी कर रहे अधिवक्ता सतीश त्यागी ने तर्क दिया कि यह एक गंभीर अपराध है, इसमें काफी संख्या में वन जंतुओं की खाल व अंग आदि बरामद हुए थे, जो प्रतिबंधित थे। अदालत ने सुनवाई के बाद अंतरिम जमानत अर्जी को खारिज करते हुए जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिये 10 जनवरी की तिथि नियत कर दी।