आजकल की पीढ़ी...
एसपी देहात ने पूछा कि दादी! हाथ बहुत मजबूत हैं जिस पर उन्होंने कहा कि आजकल की पीढ़ी ने काम करना छोड़ दिया। हमने बचपन में इतना इतना चून माढ़ा। पांच पांच भैंसों का दूध निकाला, तब हाथ मजबूत हुए। आजकल के लोगों ने तो काम करना छोड़ दिया, जिससे बीमारी बढ़ने लगी।
हां! कारगिल में चलावेगी बंदूक
शूटर दादी ने कहा कि हमने जग में पानी लेकर प्रैक्टिस की। रेंज में पिस्टल भी नहीं मिली, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। कई लोगों ने कहा कि हां! कारगिल में यही चलावेगी बंदूक। लोगों ने बहुत मजाक उड़ाई। लेकिन मेरे लड़कों ने बहुत मदद की। फारूक पठान कोच था, जिसने बहुत मदद की। बेटों ने पैसों से भी मदद भी बहुत की। कोच ने भी साथ दिया। एक साल बाद रुड़की के डीआईजी जो बहुत बड़ा आदमी था, मैं कैसे सामना करती। 32 बोर की पिस्टल मेरे हाथ में थमा दी। मैंने जीता गोल्ड मेडल और डीआईजी ने सिल्वर मेडल। उसके बाद मुझे दुनिया जान गई। पेपर ने मुझे बहुत आगे बढ़ाया, मेरा कभी हौसला नहीं टूटा। पिस्टल से कई मेडल जीते। राष्ट्रपति ने भी मुझे बुलाया।
नोट- इन खबरों के बारे अपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/