मथुरा के जवाहर बाग कांड को लेकर भाजपा ने मंगलवार को चौधरी चरण सिंह पार्क में धरना देने के बाद कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग करते हुए राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया।
पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने इस पूरे कांड के लिए प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव को जिम्मेदार ठहराया।धरने के मुख्य अतिथि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और शहर विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि जवाहर बाग की जमीन बेशकीमती है।
यह 270 एकड़ में फैला हुआ क्षेत्र है। जमीन को हड़पने के लिए शिवपाल यादव ने साजिश रची और उनके इशारे पर ही यहां कब्जा हुआ। हाईकोर्ट की सख्ती के चलते पुलिस को मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि सरकार ने सांप्रदायिक उन्माद फैलाने वाले अखलाक परिवार को मुआवजा और सरकारी नौकरी दी, लेकिन इस कांड के शहीदों को महज 20-20 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई थी। भाजपा के दबाव पर यह राशि बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई। मंत्रियों के जमीन कब्जाने की साजिश भाजपा कामयाब नहीं होने देगी।
सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार पूरी तरह गुंडाराज पर उतर आयी है। जनता इस बार सपा को पूरी तरह उखाड़ देगी। बिजनौर के सांसद कुंवर भारतेंदु सिंह ने कहा कि भाजपा के सत्ता में आते ही सपा के सारे काले कारनामों का चिट्ठा खोला जाएगा।
विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, रविंद्र भड़ाना और महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने तत्काल शिवपाल यादव को बर्खास्त करने की मांग उठाई। यहां से सभी कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी एसके दूबे को सौंपा। ज्ञापन में कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव को तुरंत बर्खास्त करने और मथुरा कांड की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई। साथ ही सीबीआई जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की गई।
धरने की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा और संचालन संदीप प्रधान ने किया। विनीत अग्रवाल शारदा, जयकरण गुप्ता, सोमेंद्र तोमर, सतेंद्र भराला, करुणेश नंदन गर्ग, सुरेश जैन रितुराज, सुनील भराला, मुकेश सिंघल, ललित नागदेव, नरेंद्र उपाध्याय, विमल शर्मा, मुखिया गुर्जर, दिनेश खटीक, अजीत चौधरी, रोहताश पहलवान, अमित मोहन गुप्ता, राखी त्यागी, केके शुक्ला, इंद्रपाल बजरंगी, अनिता सिंह, विशाल सारस्वत, अंकुर राणा, दीपक अहलावत, अतुल खटीक, गोपाल काली आदि ने विचार रखे और विशेष रुप से मौजूद रहे।