कार सवारों ने फिल्मी स्टाइल में गोली मारकर शिवम को अगवा किया। शोर मचा तो पुलिसकर्मी और ग्रामीण आरोपियों के पीछे दौड़े। करीब सात किमी दूर गंगनहर किनारे शिवम का शव पड़ा मिला। इससे पहले भी दो वर्ष पूर्व शिवम पर हमला हुआ था, इसमें वह बच गया था। पूर्व प्रधान से वर्चस्व को लेकर रंजिश शुरू हुई थी। इस बार आरोपियों ने सटीक रेकी कर शिवम को घेर लिया।
बड़ौदा गांव में 20 जनवरी 2018 को तत्कालीन प्रधान तेजपाल को बाइक सवार तीन युवकों ने कंधे में गोली मार दी थी। उस समय वह अपने नलकूप पर जा रहे थे। इस मामले में शिवम को आरोपी बनाया गया और वह जेल गया था। करीब छह माह वह जेल में रहा। बाद में कोर्ट से उसे जमानत मिल गई। करीब दो साल से वह अक्खेपुर गांव में रह रहा था।
बताया जा रहा कि दो माह पहले भी आरोपी स्विफ्ट गाड़ी से शिवम की हत्या के इरादे आए थे, लेकिन कामयाब नहीं हो पाए थे। इस बार आरोपी अपने मकसद में कामयाब हो गए। ग्रामीणों ने हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने नाकाबंदी कर काफी देर तक चेकिंग अभियान चलाया, लेकिन आरोपी हाथ नहीं आए। रात करीब साढ़े 12 बजे तक परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर डटे थे।
खून का बदला खून से लेंगे
शिवम की हत्या के बाद रिश्तेदार और परिजनों में काफी गुस्सा था। बड़ौदा गांव में उसकी जान को खतरे की आशंका के चलते परिजनों ने उसे अक्खेपुर गांव में बहन के यहां रहने भेजा गया था, लेकिन आरोपियों ने यहां आकर ही उसकी हत्या कर दी। इससे गुस्साए परिजनों ने एलान किया कि यदि पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तो वह खुद खून का बदला खून से लेंगे।
शादी के लिए लड़की तलाश रहे थे परिजन
परिजन शिवम की शादी के लिए लड़की तलाश कर रहे थे। परिवार में मां कमलेश के अलावा बड़ा भाई दुष्यंत है। दुष्यंत और चार बहनों की शादी हो चुकी है। दस साल पहले पिता नानकचंद की मौत हो गई थी। काफी देर तक अक्खेपुर गांव में बहन रजनी को शिवम की हत्या की सूचना नहीं दी गई। वह भाई की सलामती के लिए प्रार्थना करती रही।