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शेखर हत्याकांड: फफक पड़ी मां, भाइयों का जेल में पता मुलाहिजा बैरक, चारों दोषियों के चेहरों का उड़ गया रंग

Wed, 29 Apr 2026 02:01 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर

सार

मुजफ्फरनगर के शेखर हत्याकांड में कानून के कठघरे में खड़े दोषियों के चेहरे पर मृत्युदंड की सजा सुनते ही हवाईयां उड़ने लगी। मुकेश उर्फ बिट्टो फफक पड़ी। उसकी तीनों बेटे चुप रहे। सजा के बाद हवालात पहुंचे तो यहां भी उदास नजर आए। जेल में तीनों भाइयों को मुलाहिजा बैरक में रखा गया है।
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Shekhar Murder Case - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कानून के कठघरे में खड़े दोषियों के चेहरे पर मृत्युदंड की सजा सुनते ही हवाईयां उड़ने लगी। मुकेश उर्फ बिट्टो फफक पड़ी। उसकी तीनों बेटे चुप रहे। सजा के बाद हवालात पहुंचे तो यहां भी उदास नजर आए। जेल में तीनों भाइयों को मुलाहिजा बैरक में रखा गया है।
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असल में अभियुक्तों पर 22 अप्रैल को दोष सिद्ध कर दिया गया था। छह दिन मुकेश महिला कारागार में बंद थी, जबकि तीनों भाई मुख्य जेल में बंद थे। कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार को चारों अभियुक्तों को अदालत में पेश किया गया।

अदालत ने दंडादेश का 15 पेज का फैसला पढ़ा। इस दौरान दोषियों के चेहरों पर अलग-अलग भाव उभरते रहे। मृत्युदंड की सजा सुनते ही मुकेश बेहद हताश हुई। कठघरे में ही फफक पड़ी। सजा के बाद सुरक्षा के बीच दोषियों को कचहरी परिसर स्थित हवालात ले जाया गया।
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देर शाम करीब छह बजे जिला कारागार पहुंचे। मुकेश को अन्य महिला बंदियों के साथ रखा गया है। जबकि तीनों भाई दस दिन के लिए मुलाहिजा बैरक में रहेंगे।
 

अदालत में रही सुरक्षा, चेकिंग अभियान
अदालत परिसर में चेकिंग अभियान चलाया गया। मुख्य गेट पर पुलिस ने आने जाने वाले लोगों की तलाशी ली। इसके अलावा मुख्य मार्ग पर भी पुलिस ने गश्त की।

वादी से जिरह के लिए दिया था प्रार्थनापत्र
प्रकरण की पत्रावली कोर्ट नंबर तीन में ट्रांसफर होकर आई तो बचाव पक्ष की ओर से वादी राजबाला वर्मा से जिरह के लिए प्रार्थनापत्र दिया गया। सेशन न्यायालय ने यह प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया था। इसके बाद बचाव पक्ष ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। मृतक शेखर की क्राइम हिस्ट्री पर जिरह की बात कही थी। यहां भी अभियुक्तों को राहत नहीं मिली थी।
 

चारों दोषियों के चेहरों का उड़ गया रंग, दिखे हताश
कानून के कठघरे में खड़े दोषियों के चेहरे पर मृत्युदंड की सजा सुनते ही हवाईयां उड़ने लगी। मुकेश उर्फ बिट्टो फफक पड़ी। उसकी तीनों बेटे चुप रहे। सजा के बाद हवालात पहुंचे तो यहां भी उदास नजर आए। जेल में तीनों भाइयों को मुलाहिजा बैरक में रखा गया है।

 

असल में अभियुक्तों पर 22 अप्रैल को दोष सिद्ध कर दिया गया था। छह दिन मुकेश महिला कारागार में बंद थी, जबकि तीनों भाई मुख्य जेल में बंद थे। कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार को चारों अभियुक्तों को अदालत में पेश किया गया।

 

अदालत ने दंडादेश का 15 पेज का फैसला पढ़ा। इस दौरान दोषियों के चेहरों पर अलग-अलग भाव उभरते रहे। मृत्युदंड की सजा सुनते ही मुकेश बेहद हताश हुई। कठघरे में ही फफक पड़ी। सजा के बाद सुरक्षा के बीच दोषियों को कचहरी परिसर स्थित हवालात ले जाया गया।

देर शाम करीब छह बजे जिला कारागार पहुंचे। मुकेश को अन्य महिला बंदियों के साथ रखा गया है। जबकि तीनों भाई दस दिन के लिए मुलाहिजा बैरक में रहेंगे।

शेखर हत्याकांड में किस दिन क्या हुआ
17 जून 2019 : खेड़ी सूंडियान में शेखर की हत्या
18 जून 2019 : शेखर का पोस्टमार्टम हुआ
23 जून 2019 : रामू और बिट्टो गिरफ्तार
28 जून 2019 : विवेचना वीरेंद्र कसाना को मिली
01 जुलाई 2019 : विवेचक ने अभियुक्तों के बयान लिए।
30 जुलाई 2019 : पुलिस ने गवाहों के बयान दर्ज किए।
12 अगस्त 2019 : पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया
17 सितंबर 2019 : आरोपपत्र सुपुर्दगी आदेश
06 दिसंबर 2019 : आरोपियों पर आरोप तय
22 अप्रैल 2026 : अभियुक्तों पर दोष सिद्ध
28 अप्रैल 2026 : दोषियों को मृत्युदंड की सजा

इन मामलों की दाखिल की गई रूलिंग
  • माछी सिंह बनाम पंजाब
  • बच्चन सिंह बनाम पंजाब
  • निर्मल सिंह बनाम हरियाणा
  • धनंजय चटर्जी बनाम स्टेट ऑफ वेस्ट बंगाल
  • शंकर लाल बनाम तमिलनाडु
  • त्रिवेणी बेन बनाम गुजरात
  • मुकेश एवं अन्य बनाम दिल्ली राज्य
  • पुरुषोत्तम दशरथ बनाम महाराष्ट्र

दोषियों को किस धारा में हुई कितनी सजा
  • धारा 302 में मृत्युदंड एवं 50-50 हजार रुपये अर्थदंड
  • धारा 147 में दो-दो साल का कारावास
  • धारा 148 में तीन-तीन साल का कारावास
  • धारा 336 में तीन-तीन महीने का कारावास
  • धारा 504 में दो-दो साल का कारावास

यह था पूरा मामला
मुजफ्फरनगर के भौराकलां थाना क्षेत्र के खेड़ी सूंडियान गांव में किसान शेखर (49) की सात साल पहले ईंटों से कूच-कूचकर हत्या करने की दोषी महिला मुकेश उर्फ बिट्टो (60), उसके बेटे प्रदीप (38), संदीप (36) और सोनू (30) को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई। उधार के 70 हजार रुपये मांगने पर वारदात को अंजाम दिया गया था। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-तीन के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने फैसला सुनाया।

 

वारदात 17 जून 2019 को अंजाम दी गई थी। शाम छह बजे कस्बा सिसौली निवासी वादी राजबाला वर्मा, अपने पति महावीर सिंह और बेटे शेखर के साथ पड़ोस के गांव खेड़ी सूंडियान में रामकुमार उर्फ रामू पक्ष से उधार दिए 70 हजार रुपये लेने के लिए गई थी।

 

घर में ही खोली गई दुकान में बिट्टो मिली, जहां तकाजा करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की। ईंट फेंककर मारी, जिससे शेखर गंभीर घायल होकर गिर गया। इसके बाद हमलावरों ने घेरकर ईंटों से कूचकर और लाठी-डंडों से हमला कर उसकी हत्या कर दी। जिला कारागार में रामकुमार उर्फ रामू की मौत हो गई थी।

 
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पुलिस ने मां और उसके तीन बेटों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-तीन में हुई। अदालत ने 22 अप्रैल को आरोपियों पर दोष सिद्ध किया था। मंगलवार को सभी दोषियों को मृत्युदंड और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
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