अयुतचंडी महायज्ञ समिति की ओर से भैसाली मैदान में आज से श्री अयुतचंडी महायज्ञ शुरू होगा। इससे पहले शनिवार को शहर में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। पुष्प वर्षा कर जगह-जगह कलश यात्रा का स्वागत किया गया।
कलश यात्रा काली पलटन स्थित बाबा औघड़नाथ मंदिर से सुबह आठ बजे प्रारंभ हुई। शुभारंभ भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुधीर हलवासिया ने किया। यात्रा में सबसे आगे भजन मंडली चल रही थी। इनके पीछे 1100 महिलाएं कलश लेकर और बीच में जगद्गुरु शंकराचार्य दिव्यानंद तीर्थ महाराज का रथ चल रहा था। वहीं 401 संत पैदल चल रहे थे। गणपति जी का भव्य डोला, राम दरबार, मां शेरावाली का भव्य डोला आकर्षण का केंद्र रहा। दंडी स्वामी विराजमान रहे। त्रयंबकेश्वर चैतन्य महाराज और डॉ. गुणप्रकाश चैतन्य महाराज पैदल चल रहे थे। इस्कॉन के सदस्य हरे रामा हरे कृष्णा, जय श्री राधे का गायन करते चल रहे थे। सभी भक्त प्रभु भक्ति में लीन नजर आए। कलश यात्रा हनुमान चौक, सदर दाल मंडी के विभिन्न रास्तों से होते हुए भैसाली मैदान पहुंची। यज्ञ शाला में बने हवन कुंडों के पास कलश स्थापित किए गए।
ध्वजारोहण किया
भैसाली मैदान में सेठ दयानंद गुप्ता ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुधीर हलवासिया, ज्ञानेंद्र अग्रवाल, पुनीत गुप्ता, देवेंद्र माहेश्वरी, अनिल, पार्षद अनिल जैन, ब्रजमोहन गर्ग, गिरीश बंसल, श्रीकृष्ण कंसल, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, इंदर गर्ग, पं. चरण खातियान, अनिल मित्तल, बिजेंद्र गुप्ता, जयप्रकाश अग्रवाल, अनिल पाठक, शिवराज किशोर मूना, योगेंद्र, अशोक, पद्म सैन मित्तल आदि मौजूद रहे।
आज से महायज्ञ, परिक्रमा करके धर्म लाभ उठाएंगे श्रद्धालु
भैसाली मैदान में आज से श्री अयुतचंडी महायज्ञ होगा। यह 26 मार्च तक चलेगा। यज्ञ सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक और शाम 3 बजे से 6.30 बजे तक होगा। प्रतिदिन शाम को महाआरती की जाएगी। यह अनोखा दृश्य होगा। वहीं श्रद्धालु परिक्रमा कर धर्म लाभ उठाएंगे।
यज्ञशाला में अंदर आहुति, तो बाहर हरियाली
यज्ञशाला में अंदर हवन कुंड में अग्नि तो बाहर हरियाली है। यज्ञशाला के बाहर चारों तरफ जौ बोए गए हैं। जो नवरात्र में हरियाली बिखेरे हुए हैं। इस हरियाली को अपने घर तक ले जाने, पूजन स्थल, तिजौरी में रखने और बही खातों में रखने से लाभ होता है। अंतिम दिन यानी 26 मार्च को ये जौ श्रद्धालुओं को बांटे जाएंगे।
काशी के ब्राह्मणों को मिलेगा स्थान
यज्ञशाला में बने हवन कुंडों पर काशी के ब्राह्मण ही बैठेंगे। जो मंत्रों के साथ हवन पूजन करेंगे। महानगर और आसपास के शहर व गांवों से आने वाले श्रद्धालु यज्ञशाला के बाहर परिक्रमा स्थल पर ही दिखाई देंगे।
संतों की नगरी बना भैसाली मैदान
श्री अयुतचंडी महायज्ञ में संतों का पदार्पण हो गया है। इस समय भैसाली मैदान संतों की नगरी के रूप में है। जहां शंकराचार्य रुके हैं, वहीं दंडी स्वामी और सैकड़ों विद्वान पंडित पहुंच गए हैं। जो यज्ञ करके जहां पर्यावरण को स्वच्छ बनाने का काम करेंगे वहीं महानगर की जनता को धार्मिक संदेश देंगे।
श्याम सुंदर का सहारा न होता...
मेरठ। अगर श्याम सुंदर का सहारा न होता, दुनिया में कोई हमारा न होता...। जब तक है तेरी जिंदगी फुर्सत न मिलेगी काम से आदि भजनों के माध्यम से सुनील सागर बंधु भजन गायकों ने श्रद्धालुओं को प्रभु भक्ति में लीन कर दिया। शनिवार को भैसाली मैदान में आयोजित भजन संध्या में दिल्ली से आए भजन गायक सुनील सागर बंधु अपनी पूरी मंडली के साथ पहुंचे। भक्ति गीतों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। प्रभु के भजन व जयकारों से भैसाली मैदान गूंज उठा।