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शहर में लेडी फैंटम, ट्रैफिक पुलिस अपडेट  

Sun, 11 Feb 2018 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अब लेडी फैंटम गश्त पर रहेंगी। ट्रैफिक पुलिस को अपडेट करते हुए शनिवार को डीजीपी ओपी सिंह ने ट्रैफिक एंजिल (लेडी फैंटम) का हरी झंडी देकर शुभारंभ किया। 
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पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में डीजीपी ने कहा कि ट्रैफिक जाम से आम जनता परेशान होती है। जाम से मुक्ति पाने के लिए ट्रैफिक और थाना पुलिस को हर प्रयास करने चाहिए। संसाधनों की कमी है तो इसे बताएं, वह भी जल्द पूरी की जाएगी। डीजीपी ने ट्रैफिक एंजिल को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि मेरठ शहर की तस्वीर लेडी फैंटम से बदलेगी। आम जनता को जाम की समस्या से राहत दिलाने और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाना हमारा कर्तव्य है। इस दौरान डीजीपी ने लेडी फैंटम पुलिस से ट्रैफिक से संबंधित सवाल पूछे, जिनका लेडी पुलिस कांस्टेबलों ने बड़ी शालीनता के साथ जवाब दिया।
कोई दबाव नहीं, जनता की सुनो 
इस दौरान डीजीपी ने एसएसपी मंजिल सैनी व एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी से शहर के जाम की स्थिति के बारे में पूछा। जिस पर एसएसपी ने शहर में नो एंट्री व्यवस्था का पालन कराते हुए दिन में भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगाने की बात कही। साथ ही कुछ विरोध झेलने की बात भी कही। जिस पर डीजीपी ने एसएसपी से कहा कि हमें दबाव में न आकर आम जनता की समस्या देखनी चाहिए। कुछ विरोध होते हैं, तो होने दो। 
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मैं जानता हूं मेरठ शहर को 
डीजीपी बनने के बाद पहली बार मेरठ आए ओपी सिंह इस जिले से पहले से ही परिचित हैं। वे एडीजी मेरठ जोन और आईजी पीटीएस रह चुके हैं। ट्रैफिक एंजिल का शुभारंभ करने के दौरान डीजीपी ने कहा कि मैं जानता हूं मेरठ शहर को। जाम की समस्या बहुत है। एसएसपी के कुछ प्रयास से ट्रैफिक सिस्टम थोड़ा सुधरा है। और प्रयास करने चाहिए, ताकि लोगोें को जाम से राहत मिले। 
पहली बार महिला पुलिस की तैनाती
मेरठ जिले में पहली बार ट्रैफिक में महिला पुलिस की तैनाती हुई है। 34 महिला पुलिस को जिम्मेदारी दी गई है। इन महिला कांस्टेबलों को ट्रैफिक एंजिल वाहन (स्कूटी) भी खरीदी गई है। महिला पुलिस को पहले ट्रेनिंग दी गई, ताकि वह छात्राओं और महिलाओं को जागरूक कर सकें। क्योंकि महिलाओं को ट्रैफिक के बारे में महिला पुलिस से बेहतर कोई नहीं बता सकता। 
अब इन पर ट्रैफिक की कमान 
सितंबर 2017 से पहले ट्रैफिक विभाग में एसपी ट्रैफिक, सीओ ट्रैफिक , एक टीआई, दो टीएसआई, छह एचसीपी, 54 कांस्टेबल और 70 होमगार्ड थे। लेकिन अब इसे बढ़ाकर एसपी ट्रैफिक, सीओ ट्रैफिक के अलावा दो टीआई, दो टीएसआई, 23 एचसीपी,122 कांस्टेबल, 120 होमगार्ड, 34 महिला पुलिसकर्मी हैं। पांच माह में ट्रैफिक पुलिस को बस के अलावा 25 ट्रैमो बाइक, 10 स्कूटी, दो नई क्रेन मिली हैं। 
अब ट्रैफिक कंट्रोल रूम होगा शुरू 
एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि इस सप्ताह में ट्रैफिक कंट्रोल रूम भी शुरू हो जाएगा। बिल्डिंग में काम चल रहा है। कुछ उपकरण लगने बाकी हैं। शहर में 34 स्थानों पर उच्च क्वालिटी के सीसीटीवी कैमरे लगने का काम चल रहा है। एसपी ट्रैफिक के अनुसार ट्रैफिक पुलिस हर माह करीब सात लाख शमन शुल्क वसूल रही है। जिसका पैसा कंट्रोल रूम में लगाया जा रहा है। शहर के स्कूलों में यातायात जागरूक संबंधी कार्यक्रम भी हुए हैं। 
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