शीतलहर के बीच न्यूनतम तापमान .6 डिग्री गिरने से रात और सर्द हो गई है। जिससे 15 साल का रिकॉर्ड भी टूट गया। हालांकि दिन का पारा 1.4 डिग्री चढ़ने से थोड़ी राहत है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 14 जनवरी के बाद अधिकतम तापमान बढ़ेगा। लेकिन 15, 16 और 17 जनवरी को हल्की बारिश होने की संभावना से मौसम में फिर से बदलाव दिखाई देगा।
पहाड़ों पर बढ़ती बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में चल रही शीतलहर से रात और भी सर्द होती जा रही हैं। शाम होते ही गलन वाली सर्दी का असर बढ़ रहा है। सर्द हवाओं से हाथ और पैर सुन्न हो रहे हैं। बुधवार की रात पिछले पंद्रह साल में रात का तापमान लुढ़कता हुआ 4.9 डिग्री पर पहुंच गया। जबकि मंगलवार रात यही तापमान 5.5 डिग्री दर्ज हुआ था। मंगलवार को अधिकतम तापमान 17.2 डिग्री था, जो बुधवार को 18.6 डिग्री दर्ज हुआ। अधिकतम आर्द्रता 83 व न्यूनतम 39 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार धूप खिलने से दिन का तापमान बढ़ने से थोड़ी राहत है।
दिन-रात का पारा सामान्य से नीचे
जनवरी माह में औसत तापमान अधिकतम 19.2 डिग्री और न्यूनतम 6 से 7 डिग्री के बीच माना जाता है। लेकिन पिछले चार-पांच दिन से दिन और रात का तापमान सामान्य से नीचे आ गया है। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. शमीम अहमद का कहना है कि शुक्रवार 13 जनवरी तक ऐसे ही शीतलहर का प्रकोप रहेगा। 14 जनवरी की सुबह से मौसम में काफी राहत दिखेगी। शीतलहर का प्रकोप कम होगा और दिन का पारा बढे़गा। हालांकि 15, 16 और 17 को फिर से हल्की बारिश की संभावना है। जिससे मौसम में फिर से बदलाव दिखाई देगा। दिन का तापमान तो सामान्य हो जाएगा। लेकिन रात में ठंड बनी रहेगी।
पिछले 15 साल का न्यूनतम तापमान
वर्ष न्यूनतम
2003 6.1
2004 9. 0
2005 5.6
2006 7.9
2007 8.2
2008 7.6
2009 6.1
2010 6.3
2011 7.6
2012 8.1
2013 5.9
2014 7.1
2015 8.3
2016 6.0
2017 4.9