फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीटेक के छात्र अभिनव ने सुसाइड कर दी जान, जानिए, मौत की वजह

Fri, 13 Jan 2017 11:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
शिक्षित फैमिली का होनहार अभिनव बुलंदियां छूना चाहता था। बचपन से ही टॉप टेन में रहने वाला ये छात्र बीटेक में भी हर साल प्रोग्रेस कर रहा था। लेकिन प्लेसमेंट क्लीयर न कर पाने से वह अंदर ही अंदर घुट रहा था। परिजनों के अनुसार संभवत: यही घुटन उसकी मौत की वजह बन गई।
विज्ञापन


पिता मुकेश गुप्ता के अनुसार अभिनव बचपन से ही पढ़ने में होशियार था। 2010 में एमपीएस से 10 वीं और 2012 में 12वीं पास की। हमेशा टॉप टेन में रहा। दो बार एनडीए की लिखित परीक्षा पास भी की। नोएडा जेपी इंस्टीट्यूट में बीटेक में एडमिशन लिया। हर साल उसका मार्क्स परसेंटेज बढ़ता रहा। कालेज में कई प्लेसमेंट में वह शामिल हुआ। दो बार फाइनल राउंड तक पहुंचा। लेकिन क्लीयर नहीं कर सका। दिसंबर में बंगलूरू की एक कंपनी के प्लेसमेंट में उसके सभी राउंड बहुत अच्छे गए। उसने घर पर फोन करके भी बताया। लेकिन एचआर के फाइनल राउंड में वह रह गया। जिसका उसे बहुत मलाल था। दिसंबर के लास्ट वीक में वह एक सप्ताह के लिए घर आया। उससे बातचीत हुई तो उन्हें महसूस हुआ कि प्लेसमेंट क्लीयर न कर पाने से वह अंदर ही अंदर दुखी है। उसके कई दोस्त प्लेसमेंट क्लीयर कर चुके थे। माता-पिता ने उसे समझाया कि अभी उसकी बीटेक फाइनल ही नही हुई है। उसके पास तो अभी बहुत मौके हैं।

बर्थडे मनाकर गया था, नहीं लौटा
बीती 30 दिसंबर को अभिनव ने पूरी फैमिली के साथ अपना बर्थडे मनाया था। वह भी काफी खुश था। कहीं से ऐसा नहीं लगा कि वो ऐसा भी कदम उठा सकता है। तीन जनवरी को वह कॉलेज गया। परिजन भी साथ गये। उसकी सेमेस्टर फीस जमा होनी थी। उस वक्त अभिनव ने कहा था कि वह होली पर जरूर आएगा। उसकी तीन दिन की छुट्टियां हैं। लेकिन भगवान को कुछ ओर ही मंजूर था। घर पर मनाया बर्थडे उसका आखिरी बर्थडे बनकर रह गया। अभिनव अब नहीं लौटेगा
विज्ञापन


मंगलवार को आखिरी बात
पिता के अनुसार पूरी फैमिली ने फरवरी में सोमनाथ जी जाने का प्रोग्राम बनाया था। अभिनव को उसकी मम्मी और बहन ने फोन कर इसकी जानकारी दी थी। लेकिन उसने यह कहकर मना कर दिया था कि उसे कई प्रोजेक्ट तैयार करने हैं। आप लोग घूम आओ, मैं फिर कभी चला जाऊंगा। मंगलवार को अपनी बहन और मम्मी से हुई यही बात आखिरी बात साबित हुई।

अभिनव का एक्सीडेंट हो गया, जल्दी आ जाओ
मुकेश गुप्ता के अनुसार बुधवार रात करीब 10 बजे अभिनव के कॉलेज से कॉल आई कि अभिनव का एक्सीडेंट हो गया है। जल्दी आओ। वह चले ही थे कि 20 मिनट बाद दूसरा फोन आया कि वह सीधे फॉर्टिस अस्पताल पहुंचें। अभिनव वहीं एडमिट है। उन्होंने नोएड़ा में रहने वाले रिश्तेदारों और दोस्त को इसकी सूचना दी। वहां जाकर ही उन्हें पूरी घटना का पता चला।

फूट-फूटकर रोए दोस्त
मेरठ। अभिनव के अंतिम संस्कार के दौरान नोएडा से आए साथी छात्र फूट-फूटकर रोये। कुछ साथी अभिनव- अभिनव आवाज लगाकर बिलख रहे थे। उनकी हालत देख वहां मौजूद अन्य लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके। मुकेश ने बताया कि अभिनव के सभी साथी और उसके रूम मेट बहुत अच्छे हैं। उन्हें कॉलेज या किसी छात्र से कोई शिकायत नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें