संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। वन सेंक्चुअरि क्षेत्र में खड़े पेड़ों की सुरक्षा इस समय भगवान भरोसे नजर आ रही है। क्षेत्र में असामाजिक तत्व लगातार सड़क किनारे खड़े पेड़ों को आग के हवाले कर रहे हैं, जबकि वन विभाग इन घटनाओं पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। शनिवार को अलग-अलग स्थानों पर आगजनी की घटनाओं से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है।
शनिवार को क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थानों पर आग लगाई गई थी। जिसे वन विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद बुझाया। जिसमें कई पेड़ आग में झुलस गए और कई जल गए थे। इसके बावजूद रविवार की दोपहर तारापुर से नया गांव जाने वाले मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे खड़े कीमती शीशम के पेड़ों को आग लगा दी गई। आग की चपेट में आने से दो पुराने और बहुमूल्य शीशम के पेड़ पूरी तरह जलकर राख हो गए और सड़क पर गिर गए।
पेड़ों के गिरने से मार्ग पर काफी देर तक यातायात भी बाधित रहा। राहगीरों ने घटना की सूचना वन विभाग को दी लेकिन शाम तक पेड़ सुलगते रहे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया, जिससे नुकसान और बढ़ गया। लोगों ने वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय पर कार्रवाई होती तो पेड़ों को बचाया जा सकता था।
वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय का कहना है कि सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया है। आग बुझाने और पेड़ों को सुरक्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मामले की जांच कर आग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आग में जलकर सड़क पर गिरा पेड़ स्रोत संवाद
आग में जलकर सड़क पर गिरा पेड़ स्रोत संवाद