भगत सिंह मार्केट के प्रधान नईम गाजी के अपहरण का मामला तूल पकड़ने लगा है। गाजी अंतिम बार नौचंदी इलाके के शास्त्रीनगर में भाजपा नेता के मकान के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में देखा गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सोमवार देर रात भाजपा नेता से क्राइम ब्रांच ऑफिस में पुलिस अफसरों ने पूछताछ की है।
भगत सिंह मार्केट निवासी नईम गाजी का 12 दिसंबर को अपहरण हुआ था। पीड़ित परिवार ने भाजपा नेता समेत चार लोगों पर अपहरण करने का अंदेशा जताया है। पुलिस ने भाजपा नेता समेत दर्जन भर लोगों से पूछताछ की। लेकिन सुराग नहीं लगा। इसके बाद पुलिस ने गाजी के फोन की कॉल डिटेल खंगाली, जिसमें उसकी लोकेशन नौचंदी क्षेत्र शास्त्रीनगर और फिर नूरनगर रोड पर मिली थी। गाजी की दूसरी पत्नी खुशबू शास्त्रीनगर में रहती है। हालांकि पुलिस ने इसकी जांच गंभीरता से नहीं की।
एक सप्ताह बीत चुका है। भाजपा नेता से पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर भाजपाइयों को एतराज है। इसको लेकर भाजपाइयों ने कोतवाली थाने में हंगामा भी किया था। जबकि पीड़ित परिवार को अभी अंदेशा है कि भाजपा नेता ने ही नईम गाजी का अपहरण कराया है। इस मामले को लेकर लगातार तनाव की स्थिति बनी है। पुलिस ने शहर में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो भाजपा नेता के घर के पास लगे एक कैमरे में 12 दिसंबर को नईम गाजी दिखाई दिया है। जिस पर पुलिस का शक भी गहरा गया है।
क्राइम ब्रांच ऑफिस में पूछताछ
सीओ कोतवाली रणविजय सिंह, इंस्पेक्टर कोतवाली प्रभात कुमार वर्मा समेत कई पुलिस अधिकारियों ने रात में क्राइम ब्रांच ऑफिस पहुंचकर भाजपा नेता से पूछताछ की। भाजपा नेता ने कहा था कि 12 दिसंबर को गाजी से उसकी कोई मुलाकात नहीं हुई। सवाल है कि गाजी जब कैमरे में दिखाई दे रहा है तो भाजपा नेता ने यह बात क्यों छुपाई।
क्या था भाजपा नेता से विवाद
पीड़ित परिवार का कहना है कि नईम गाजी प्रापर्टी डीलर भी है। नईम ने कुछ दिन पहले हापुड़ अड्डा चौराहे के पास रामनगर कॉलोनी में एक मकान खरीदा था। आरोप है भाजपा नेता नहीं चाहते थे कि दूसरे समुदाय के लोग इस कॉलोनी में आकर बसें। इसको लेकर भाजपा नेता और नईम गाजी में तकरार चल रही थी। नईम गाजी द्वारा भगत सिंह मार्केट में एक युवक पर गोली बरसाने से दोनों समुदाय के लोगों में तनाव हुआ था। हालांकि गाजी के खुद के भी निजी विवाद चल रहे हैं।