शाहबाज उर्फ शैरी चौधरी की मंगलवार को हुई हत्या की कहानी बृहस्पतिवार को पलट गई। पुलिस ने हत्यारोपी शोएब और जुबैर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन चश्मदीद हिरासत में लिए हैं। जिन्होंने हत्या की वारदात के बारे में बताया। वहीं, पुलिस जांच में यह भी साफ हो गया कि कोतवाली के एक पार्षद ने अपनी निजी रंजिश के चलते सात लोगों की फर्जी नामजदगी करायी थी।
साजिद के साथ गया था शाहबाज
पुलिस के मुताबिक शाहबाज के किदवईनगर की एक युवती से संबंध थे। मंगलवार को शाहबाज अपने दोस्त साजिद संग बाइक से किदवईनगर अपने दोस्त सोनू के घर पहुंचा। एक स्कूल के पास शाहबाज, साजिद और सोनू बातचीत कर रहे थे। तभी शोएब, जुबैर और जावेद समेत चार युवक दो बाइक पर वहां पहुंचे। मारपीट के बाद शोएब ने शाहबाज को गोली मार दी।
‘एलानिया नहीं था कत्ल’
पुलिस के मुताबिक आरोपी शोएब ने बताया कि शाहबाज को सबक सिखाने का उनका इरादा था। लाठी-डंडों से शाहबाज की पिटाई की। शाहबाज नीचे गिरा और धमकी देता रहा कि अब तू मेरे हाथ से नहीं बचेगा। जिस पर शोएब ने पिस्टल से शाहबाज को तीन गोली मारीं। शाहबाज के दोस्त साजिद और सोनू ने इसका विरोध नहीं किया। यह एलानिया कत्ल नहीं था। पुलिस ने चश्मदीदों के बयान भी दर्ज किए हैं।
शाहबाज का बड़ा नेटवर्क था
शाहबाज अपने इलाके का दबंग युवक था। सीसीएसयू के कई छात्रनेताओं से उसकी दोस्ती थी। अपनी दबंगई दिखाने की खातिर छात्रों को लेकर शाहबाज अक्सर अपने इलाके में घूमता था। जिस पर इलाके के लोगों ने आपत्ति भी जताई थी।
जेल में बनी थी प्लानिंग
शोएब और शाहबाज की जेल में मारपीट हुई थी। शाहबाज ने दो साल पहले शोएब को थप्पड़ मारा था, जिस पर दोनों में विवाद था। दोनों अलग-अलग मामलों में जेल गए तो वहां एक-दूसरे में मारपीट कर दी थी। जेल से छूटने दोनों ने अपना बड़ा नेटवर्क तैयार कर लिया।
अवैध वसूली को लेकर हुई हत्या?
सीओ कोतवाली कुंवर रणविजय सिंह ने बताया कि जुआ, कसीनो और टेंपो से अवैध वसूली करने के लिये कोतवाली के सलमान ने गैंग बना लिया था। सलमान के साथ शाहबाज रहता था। शाहबाज की शोएब से दुश्मनी थी। शोएब भी दबंग अपराधी है और वसूली करता है। लिसाड़ीगेट इलाके में जुआ, कसीनो व टेंपो से उगाही का धंधा चलता है। जिस पर कब्जा करने के लिये शाहबाज और शोएब में ठनी हुई थी। शाहबाज बार-बार धमकी देता था कि अगर उसके सामने कोई आया तो नतीजा ठीक नहीं होगा।
आरिफ और फईक की पुरानी रंजिश
पुलिस ने बताया कि कोतवाली इलाके में पार्षद आरिफ और फईक की पुरानी रंजिश है। कुछ दिन पहले पार्षद ने फईक पक्ष के खिलाफ जानलेवा हमले का केस दर्ज कराया था। वहीं, फईक पक्ष के लोगों ने भी पार्षद आरिफ और उसके भतीजे सलमान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस के मुताबिक इस रंजिश में अपने दुश्मनों को सबक सिखाने के लिये आरिफ ने फईक और उसके भाइयों को शाहबाज की हत्या में नामजद कराया था। एलानिया कत्ल की कहानी भी पार्षद ने चलाई थी।