परिजनों का आरोप है कि पुलिस चौकी के दरोगा ने उनके भाई के साथ मारपीट की और गर्दन तोड़कर मौत के घाट उतार दिया। परिजनों ने बताया कि घर से भाई को ले जाने के बाद पुलिस कुछ देर बाद ही मरे भाई को घर पर यह कह कर डाल गई कि पुलिस के डर से घबरा रहा है। इसका इलाज कर लो।
परिजनों ने बिडौली चौकी पुलिस पर निर्दोष को पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। सूचना के नौ घंटे बाद भी पुलिस के आला अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। परिजनों के साथ-साथ ग्रामीणों में भी पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गुस्सा फूट रहा है।
मृतक अपने पीछे पांच बेटियां व एक पुत्र (2) का छोड़ गया है। इस मामले में सीओ अमरदीप मौर्य का कहना है कि पुलिस की पिटाई से मौत का आरोप बेबुनियाद है। शव पोस्ट मार्टम को भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही मरने का सही कारण सामने आएगा। पुलिस किसी अन्य को पकड़कर ले गई थी, भूरा को नहीं।