सीएचसी परिसर में लोगों की कोरोना की जांच के बाद इस्तेमाल की गई एंटीजन की स्लैब किट भी खुले में बिखरी पड़ी रही, जिस कारण कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश के शामली में कैराना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 18 व 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीनेशन का कार्य किया जा रहा है। सीएचसी पर विद्युत केबल फुंक जाने के कारण सुबह करीब चार बजे से अस्पताल की विद्युत सप्लाई बंद हो गई। लाइट की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण कोरोनारोधी वैक्सीन लगवाने पहुंचे लाभार्थियों ने अपने मोबाइल की टॉर्च जलाकर वैक्सीन लगवाई।
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मंगलवार को कैराना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर वैक्सीनेशन रूम में लाइट की कोई व्यवस्था न होने के कारण अंधेरा छाया रहा। सुबह नौ बजे से लाभार्थियों को वैक्सीन लगाने का कार्य शुरू हुआ।
वैक्सीनेशन कराने पहुंचे लाभार्थियों ने अपने मोबाइलों की टॉर्च जलाकर वैक्सीन लगवाई। साथ ही सीएचसी पर बने वैक्सीनेशन कैंप में पहुंचने वाले लाभार्थियों को वैक्सीन लगवाने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम साढ़े चार बजे तक 12 घंटे बीत जाने के बाद भी अस्पताल में नया बिजली केबल नहीं लग पाया था। नतीजतन पूरे अस्पताल परिसर की लाइट गुल रही।
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खुले में बिखरी पड़ी रही एंटीजन की स्लैब किट
सीएचसी परिसर में लोगों की कोरोना की जांच के बाद इस्तेमाल की गई एंटीजन की स्लैब किट भी खुले में बिखरी पड़ी रही, जिस कारण कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
उधर, गर्मी से परेशान लाभार्थी ऑब्जर्वेशन रूम में भी नहीं बैठ सके, जबकि सीएचसी पर बड़ा जनरेटर रखा हुआ है। उसको चालू नहीं किया गया। सुबह 11 बजे तक भी लाइट की व्यवस्था नहीं हो सकी। दोपहर करीब 12 बजे जनरेटर का चालू कराकर कुछ कमरों में सप्लाई जोड़ी गई।
केबल में फाल्ट आने के कारण विद्युत सप्लाई बंद हो गई थी। बाद में जनरेटर से काम चलाया गया। ठेकेदार द्वारा मेरठ से विद्युत केबल मंगवाया गया है। -डॉ. भानू प्रकाश, चिकित्साधीक्षक सीएचसी।