शामली के चौसाना में बच्चों को बीच रास्ते छोड़ने के मामले में दूसरे दिन भी सैकड़ों अभिभावक स्कूल पहुंचे। प्रबंधक ने चालक की गलती मानी और बताया कि चालक फरार है। अभिभावकों ने 15 सीट की गाड़ी में 30 बच्चों को बैठाने का आरोप भी लगाया।
शामली में बच्चों को बीच रास्ते छोड़ने के मामले में बुधवार को दूसरे दिन भी अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। चौसाना के बिडौली रोड स्थित कमालपुर के स्कॉलर प्राइड स्कूल में रंगाना फार्म, कोंथलपुर, सुंदरनगर, लक्ष्मीपुरा, बल्लामाजरा, खोड़समा और सकौती समेत आसपास के गांवों से सैकड़ों अभिभावक पहुंचे। उन्होंने प्रधानाचार्य और प्रबंधक का घेराव कर विरोध जताया।
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बस धान के खेत में फंसने के बाद बच्चों को जंगल में छोड़ने का आरोप
अभिभावकों का आरोप है कि सोमवार को चालक नशे की हालत में बस लेकर निकला था। गांवों में बच्चों को छोड़ने के दौरान बस जंगल के रास्ते धान के खेत में फंस गई। आरोप है कि इसके बाद चालक बच्चों को जंगल में छोड़कर चला गया। अभिभावकों के अनुसार बच्चे करीब दो किलोमीटर जंगल के रास्ते पैदल चलकर अपने घर पहुंचे और परिजनों को घटना की जानकारी दी।
दूसरे दिन भी स्कूल पहुंचे अभिभावक
घटना के बाद मंगलवार को भी अभिभावक स्कूल पहुंचे थे और प्रबंधन के सामने नाराजगी जताई थी। अभिभावकों का आरोप है कि उनकी शिकायत को उस समय गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके बाद बुधवार को वे बड़ी संख्या में दोबारा स्कूल पहुंचे और स्कूल प्रबंधन का घेराव किया।
प्रबंधक ने मांगी माफी, चालक की गलती मानी
बढ़ते विरोध के बीच स्कूल प्रबंधक अमित निर्वाल ने अभिभावकों से माफी मांगी। उन्होंने चालक की गलती स्वीकार करते हुए बताया कि घटना के बाद से चालक फरार है और दिल्ली चला गया है। उसकी सैलरी रोक दी गई है। प्रबंधक के मुताबिक धान के खेत में फंसी बस को बाद में दूसरे चालक ने निकालकर बाहर लाया।
स्कूल पहुंच बच्चों के अभिभावक
- फोटो : अमर उजाला
चालक के नशे में होने का वीडियो होने का दावा
अभिभावकों का कहना है कि उनके पास चालक का एक वीडियो भी है। इसमें चालक घटना के बाद कथित तौर पर नशे की हालत में खेत में हंगामा करता दिखाई दे रहा है।
15 सीट की गाड़ी में 30 बच्चे बैठाने का आरोप
अभिभावकों ने स्कूल की परिवहन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। आरोप लगाया गया कि 15 सीट वाली गाड़ियों में करीब 30 बच्चों को बैठाकर स्कूल लाया और ले जाया जाता है।
अभिभावकों ने कहा कि क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाना बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ है। स्कूल प्रबंधन ने परिवहन व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया।
फीस और छात्रों को परेशान करने की शिकायतें
अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के सामने फीस से जुड़े विवाद भी रखे। आरोप लगाया कि फीस जमा नहीं होने पर छात्रों को परीक्षा में शामिल नहीं करने जैसी स्थिति बनाई जाती है। इसके अलावा छात्रों को अनावश्यक रूप से परेशान करने की शिकायतें भी की गईं।
पूर्व में बच्चों के साथ कथित मारपीट और सुरक्षा से जुड़े विवादों का आरोप भी अभिभावकों ने लगाया। उन्होंने छात्रों की सुरक्षा और पढ़ाई से जुड़ी व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की।
नवाब सिंह के नेतृत्व में पहुंचे सैकड़ों अभिभावक
अभिभावकों का नेतृत्व गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन नवाब सिंह ने किया। इस दौरान आसपास के गांवों से सैकड़ों ग्रामीण और अभिभावक स्कूल परिसर में मौजूद रहे। अभिभावकों ने साफ कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।