उत्तर प्रदेश के शामली में जलालाबाद में महिला के शव को नगर पंचायत के कूड़ा डालने वाले वाहन में ले जाने के प्रकरण में डीएम जसजीत कौर ने चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए संस्तुति कर शासन को रिपोर्ट भेजी है।
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कस्बे के मोहल्ला मोहम्मदीगंज में निजी चिकित्सक प्रभात बंगाली की 50 वर्षीय बहन बालामती का बीमारी के चलते नौ मई की सुबह निधन हो गया था। चिकित्सक प्रभात ने शव के अंतिम संस्कार के लिए मोहल्लेवालों से कहा, लेकिन कोरोना संक्रमण के डर के कारण कंधा देने के लिए कोई आगे नहीं आया।
इसके बाद नगर पंचायत के कूड़ा ढोने वाले वाहन से महिला का शव श्मशान घाट में ले जाया गया था। डीएम जसजीत कौर ने इस प्रकरण की जांच एसडीएम सदर संदीप कुमार को सौंपी थी।
डीएम ने बताया कि एसडीएम सदर संदीप कुमार ने जांच रिपोर्ट में पाया कि मृतका के परिजनों के आग्रह पर नगर पंचायत द्वारा कूड़े वाली गाड़ी उपलब्ध कराई गई थी। जांच में पाया गया कि वह गाड़ी सैनिटाइजेशन के कार्य के लिए प्रयोग की गई है। इस गाड़ी का कभी भी कूड़े के लिए प्रयोग नहीं किया गया।
डीएम ने कहा कि जांच आख्या के अनुसार हालांकि गाड़ी का प्रयोग कभी भी कूड़े में नहीं किया गया था, लेकिन संवेदनशीलता के दृष्टिगत नगर पंचायत द्वारा वह गाड़ी उपलब्ध नहीं करानी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थिति में एसडीएम या कंट्रोल रूम नंबर 01398-270203 पर या सीएमओ को जानकारी देनी चाहिए थी। डीएम ने नगर पंचायत जलालाबाद के चेयरमैन अब्दुल गफ्फार व ईओ विजय आनंद के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी है।