अब काम के हिसाब से मिलेगा पैसा
बताया कि पहले प्रत्येक ग्राम पंचायत को उसकी आबादी के हिसाब से विकास का बजट जारी किया जाता था। लेकिन, अब जो ग्राम पंचायत अधिक काम कराएगी, उसका बजट बढ़ाया जाएगा और जो ग्राम प्रधान निष्क्रिय जैसे काम करेंगे, उनके बजट को उसी हिसाब से कम कर दिया जाएगा। अब आबादी के कोई मायने नहीं हैं।
कुपोषित बच्चों के पिता को जॉब कार्ड
डीपीओ संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि प्रत्येक ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी हैं कि जो भी उनके गांव कुपोषण के शिकार बच्चे हैं, उनका नियमित टीकाकरण कराया जाना चाहिए। साथ ही उनके माता-पिता को आय के स्रोत बढ़ाने के लिए मनेरगा का जॉब कार्ड, राशन कार्ड आदि सुविधाएं मुहैया कराए जाएं ताकि वह अपने बच्चे का सही से पालन पोषण कर सकें। इसके अलावा उनकी अन्य संपन्न लोगों से भी मदद कराएं।
गोवंश गोद लेने की अपील
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक ग्राम प्रधान अपने गांव में लोगों को जागरूक करें ताकि वह गांव में आवारा घूम रहे निराश्रित गोवंश का पालन पोषण कर सकें। इसके लिए सरकार की ओर से उन्हें 900 रूपये महीना के हिसाब से पैसा भी दिया जाएगा।
ग्राम प्रधानों ने सौंपा ज्ञापन
क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि प्रत्येक गोशाला का एक-एक लाख रूपये भूसे का बजट अब तक नहीं आया है। इसके अलावा जो भी मजदूर गौशाला में रखे गए हैं, उनकी मजदूरी का पैसा भी काफी बकाया है। प्रधानों ने जल्द सभी भुगतान कराने की मांग की है।
हरड़ फतेहपुर में पोषण रैली का आयोजन
कस्बे में आने से पहले जिलाधिकारी ने हरड़ फतेहपुर गांव में पहुंचकर पोषण रैली का शुभारंभ किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई व सात माह के बच्चों का अन्नप्राशन किया। गांव में कुपोषित चार बच्चों के परिवार के लिए उन्होंने राशन कार्ड एवं मनरेेगा जॉब कार्ड बनाने के निर्देश दिए।
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