भारद्वाज परिवार के कलाकार
योगेश भारद्वाज के अलावा उनके पिता पंडित राजेश्वर प्रसाद भारद्वाज, बड़े बाई कृष्णकांत भारद्वाज, मनमोहन भारद्वाज, विजय भारद्वाज और राकेश भारद्वाज भी रामलीला के मंचन में अभिनय करते रहे हैं। एक भाई विजय शामली में नेहरु मार्केट में फोटो स्टूडियो चलाते हैं। बताया कि उन्होंने करीब 15 साल तक रामलीला में अभिनय किया।
बॉलीवुड का सफर
योगेश भारद्वाज बताते हैं कि उन्होंने 12 वीं तक की पढ़ाई शामली के वीवी इंटर कॉलेज से की थी। रामलीला के मंच से उन्हें कला का शौक लगा, जिसने उन्हें 1980 में मुंबई पहुंचा दिया। 1997 में उन्होंने जेपी दत्ता की फिल्म बॉर्डर में मुख्य सहायक डायरेक्टर के रूप में कार्य किया। फिर वर्ष 2000 में रिफ्यूजी फिल्म में भी मुख्य सहायक डायरेक्टर रहे। 2003 में खुद के निर्देशन में पहली फिल्म बॉर्डर हिन्दुस्तान का बनाई। 2005 में शबनम मौसी और 2007 में मिस अनारा बनाई। इसके बाद 2012 में दलितों के उत्पीड़न पर फिल्म दाह बनाई।
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