संस्कृत छात्राओं को जीडी छात्रवृत्ति
राजकीय महिला महाविद्यालय में संस्कृत की छात्राओं को जीडी अग्रवाल छात्रवृति देते थे। हर साल वह इसे बांटने खुद ही महाविद्यालय में पहुंचते थे, लेकिन लंबे समय से अस्वस्थता के कारण यहां आना कम हो गया था।
1998 में भाविप का कार्यक्रम कराया
प्रोफेसर जीडी अग्रवाल ने 1998 में कस्बा कांधला में भारतीय विद्यार्थी परिषद का कार्यक्रम कराया था, जिसके वह संयोजक थे। कार्यक्रम में मौजूदा केंद्रीय मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन भी पहुंचे थे। 2002 में महाविद्यालय में संस्कृत की छात्राओं को छात्रवृति वितरण की शुरुआत की थी। वह जब भी कांधला आते थे, तो बच्चों को गंगा की निर्मलता और सुरक्षा के बारे में जागरूक करते थे।
संत सा जीवन रहा जीडी अग्रवाल का
दिल्ली आईआईटी में सिविल डिपार्टमेंट के हेड ऑफ द डिपार्टमेंट रहे गुरुदास अग्रवाल उर्फ जीडी अग्रवाल का जीवन संत सा रहा। उन्होंने रिटायरमेंट के बाद चित्रकूट विश्वविद्यालय में नि:शुल्क शिक्षा दी। गंगा और पर्यावरण को वह पूरी तरह समर्पित रहे। कांधला के मूल निवासी डॉ जीडी अग्रवाल का परिवार शहर में मंडी क्षेत्र में भी रहता है। उनके भाई ओमप्रकाश गुप्ता डीएवी कॉलेज में बीएड डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष थे। सात साल पहले जिला कचहरी के फैंथम हॉल में उन्होंने गंगा और पर्यावरण को लेकर सचेत किया था। डॉ जीडी अग्रवाल से जुडे़ रहे बडकली इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अविनाश त्यागी ने बताया कि अग्रवाल का जीवन एक संत जैसा था।
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