कृषि विज्ञान केंद्र बघरा-जानसठ के निदेशक डॉक्टर पीके सिंह ने बताया कि तापमान बढ़ना और लू चलना अच्छे मानसून का सूचक है। 29 जून को मानसून पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर जाएगा। 96 प्रतिशत मानसूनी बारिश होने की संभावना है। ज्यादा तापमान बढ़ने से सब्जियों को ज्यादा पानी की जरूरत है। लू और गर्मी होने से गहरी जुताई के कीट मर जाएंगे। इसके अलावा उन्होंने बताया कि गर्मी भी नौ दिन और रहेगी। छह दिन बीत चुके हैं, सिर्फ तीन दिन शेष है। ज्यादा तापमान बढ़ना वायुमंडल का प्रदूषण का मुख्य कारण है।
गर्म हवाएं और लू से ऐसे करें बचाव
पर्याप्त मात्रा में पानी तरल पदार्थ छाछ, नींबू का पानी, आम का उपयोग करें।
हल्के रंग के सूती एवं ढीले कपड़े पहनें और सिर को ढके, कड़ी धूप से बचें।
लू से प्रभावित व्यक्ति को छाया में लिटाकर सूती गीले कपड़े से पौछे अथवा नहलाएं, चिकित्सक से संपर्क करें।
लू लगने के लक्षणों को पहचानें, यदि कमजोरी लगे, सिर दर्द हो, उल्टी जैसा महसूस हो, तेज पसीना, झटका जैसा महसूस हो और चक्कर आए, तो तुरंत डॉक्टर से मिले।
बीमार, गर्भवती महिलाएं और और कामगार अतिरिक्त सावधानी बरतें।
संतुलित हल्का नियमित भोजन करें, अधिक प्रोटीन वाले बासी खाद पदार्थ खाने से बचें। जानवरों को छाया में बांधे और उन्हें पानी पिलाएं।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/