उन्होंने सभी लेखपालों को निर्देश दिए कि अपने-अपने संबंधित गांव में कितने आवारा पशु हैं, कितने पशु गोवंश आश्रम में पहुंचाए गए हैं इसकी सूचना प्रतिदिन दें। इसका प्रत्येक गांव में रजिस्टर भी बनाएं। सभी पशुपालकों के नाम अंकित करें। कौन से पशु को गर्भधारण है? इसकी भी सूचना अंकित की जाएं ताकि पता चल सके किस पशुपालक ने संबंधित पशु को छोड़ दिया।
उस पशुपालक के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम के तहत तीन वर्ष की कैद तथा जुर्माना भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लेखपालों को बारी बारी से पशुचर की जमीन पर अवैध कब्जे की समीक्षा कर जुर्माना वसूलने के निर्देश दिए।
बैठक में सीडीओ विवेक त्रिपाठी, एडीएम केबी सिंह एसडीएम प्रशांत कुमार भारती, एसडीएम कैराना अमित पाल, एसडीएम ऊन केपी तोमर समस्त तहसीलदार, परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर राजेश कुमार आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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