फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शाकंभरी देवी हादसा: तीन संग्रह अमीनों का वेतन रोकने के आदेश, दिए गए आरोप पत्र

Wed, 14 Sep 2022 10:51 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

सहारनपुर में मंगलवार को हुए एक हादसे में एक मा की मौत हो गई, जबकि उसकी तीन बेटियां बाल बाल बचीं। शाकंभरी देवी के खोल पर बनाई गई बाढ़ चौकी पर कार का रोक लिया जाता तो हादसा टल सकता था। बाबा भूरादेव मंदिर पर बनाई गई बाढ़ चौकी पर तीन संग्रह अमीनों की ड्यूटी थी लेकिन तीनों ही ड्यूटी से नदारद थे। इसे लेकर तीनों के वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन
मां की मौत के बाद रोती बेटियां - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सहारनपुर के बेहट की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रणता ऐश्वर्या ने शाकंभरी देवी हादसे के दौरान ड्यूटी से नदारद रहने वाले तीन संग्रह अमीनों के वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। साथ ही तीनों को आरोप पत्र भी दिए गए हैं।

विज्ञापन


तहसीलदार प्रकाश सिंह ने बताया, कि मंगलवार को हादसे के दौरान बाबा भूरादेव मंदिर पर बनाई गई बाढ़ चौकी पर संग्रह अमीन नफे सिंह, संदीप कुमार और रामेंद्र की ड्यूटी थी, लेकिन तीनों ही ड्यूटी से नदारद थे। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर तीनों संग्रह अमीनो के वेतन रोकने के आदेश जारी किए हैं, साथ ही तीनों को आरोप पत्र भी दिए गए हैं। आरोप पत्रों के जवाब के बाद इनके खिलाफ अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

सिद्धपीठ शाकंभरी देवी के दर्शनों के लिए आए श्रद्धालुओं की कार शाकंभरी खोल में आई बाढ़ में बह गई थी। कार में चालक समेत पांच परिजन सवार थे। इसमें एक महिला की मौत हो गई। उसकी तीन बेटियों और चालक को शंकराचार्य आश्रम के छात्रों और वनकर्मी ने काफी मशक्कत के बाद बचा लिया। एक बेटी की हालत खराब होने पर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: शर्मनाक: डॉक्टर ने 12 साल की बच्ची से किया दुष्कर्म, पीड़िता की आपबीती सुन उड़े परिजनों के होश, मुकदमा दर्ज

विज्ञापन

ऐसे घटी पूरी घटना
सहारनपुर की शुगर मिल कॉलोनी निवासी सीमा (55) पत्नी हेमंत अपनी ऑल्टो कार से तीन बेटियों तानिया, मेघा एवं रिया को साथ लेकर सिद्धपीठ शाकंभरी देवी के लिए मंगलवार सुबह पांच बजे घर से निकली थीं। उस समय बारिश हो रही थी। कार उनका चालक रवि पुत्र बालेश चला रहा था। सुबह 5.45 बजे उन्होंने बाबा भूरादेव के दर्शन किए और सिद्धपीठ की ओर चल दिए। भूरादेव पर दुकानदारों ने उनको रोका और खोल में पानी आने की बाबत चेताया भी, लेकिन वह नहीं माने और आगे बढ़ गए, जैसे ही उनकी कार शंकराचार्य आश्रम के समीप पहुंची तो अचानक शाकंभरी खोल में पानी बढ़ गया और कार पानी के सैलाब में तेजी के साथ बहने लगी। कुछ दूरी पर जाकर कार पलट गई।

संस्कृत विद्यालय के छात्रों ने दिखाई दिलेरी
कार को पलटते देख शंकराचार्य आश्रम में संस्कृत विद्यालय के छात्र कार सवारों को बचाने के लिए पानी में कूद पड़े। उन्होंने तानिया और मेघा को किसी तरह बचा लिया। चालक भी सुरक्षित पानी के बहाव से बाहर निकल आया, जबकि सीमा एवं बेटी रिया पानी की तेज धार में बह गईं। इनमें से रिया को शाकंभरी वन रेंज के वनकर्मी बृजेश ने पानी में कूदकर काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाल लिया, जबकि सीमा को भूरादेव के पास लोगों ने मृत अवस्था में बाहर निकाला।

मौके पर पहुंचे तहसीलदार बेहट प्रकाश सिंह ने घायल रिया को उपचार के लिए बेहट सीएचसी भिजवाया, वहां से उसे जिला चिकित्सालय भेजा गया। घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम बेहट प्रणता ऐश्वर्या, सीओ बेहट मुनीश चंद्र, कोतवाली प्रभारी एचएन सिंह ने भी सिद्धपीठ पहुंच घटना की जानकारी ली। महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें