ऐसे घटी पूरी घटना
सहारनपुर की शुगर मिल कॉलोनी निवासी सीमा (55) पत्नी हेमंत अपनी ऑल्टो कार से तीन बेटियों तानिया, मेघा एवं रिया को साथ लेकर सिद्धपीठ शाकंभरी देवी के लिए मंगलवार सुबह पांच बजे घर से निकली थीं। उस समय बारिश हो रही थी। कार उनका चालक रवि पुत्र बालेश चला रहा था। सुबह 5.45 बजे उन्होंने बाबा भूरादेव के दर्शन किए और सिद्धपीठ की ओर चल दिए। भूरादेव पर दुकानदारों ने उनको रोका और खोल में पानी आने की बाबत चेताया भी, लेकिन वह नहीं माने और आगे बढ़ गए, जैसे ही उनकी कार शंकराचार्य आश्रम के समीप पहुंची तो अचानक शाकंभरी खोल में पानी बढ़ गया और कार पानी के सैलाब में तेजी के साथ बहने लगी। कुछ दूरी पर जाकर कार पलट गई।
संस्कृत विद्यालय के छात्रों ने दिखाई दिलेरी
कार को पलटते देख शंकराचार्य आश्रम में संस्कृत विद्यालय के छात्र कार सवारों को बचाने के लिए पानी में कूद पड़े। उन्होंने तानिया और मेघा को किसी तरह बचा लिया। चालक भी सुरक्षित पानी के बहाव से बाहर निकल आया, जबकि सीमा एवं बेटी रिया पानी की तेज धार में बह गईं। इनमें से रिया को शाकंभरी वन रेंज के वनकर्मी बृजेश ने पानी में कूदकर काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाल लिया, जबकि सीमा को भूरादेव के पास लोगों ने मृत अवस्था में बाहर निकाला।
मौके पर पहुंचे तहसीलदार बेहट प्रकाश सिंह ने घायल रिया को उपचार के लिए बेहट सीएचसी भिजवाया, वहां से उसे जिला चिकित्सालय भेजा गया। घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम बेहट प्रणता ऐश्वर्या, सीओ बेहट मुनीश चंद्र, कोतवाली प्रभारी एचएन सिंह ने भी सिद्धपीठ पहुंच घटना की जानकारी ली। महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।