आरबीआई की शर्तें शादी वाले परिवारों पर भारी पड़ रही हैं। शादी का सारा बंदोबस्त इन शर्तों में उलझकर रह गया है। सरकारी कर्मचारियों के लिए भी मुसीबत कम नहीं है। उन्हें भी बैंकों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन कोई राहत नहीं मिल रही।
बुलंदशहर के पहासु थाना क्षेत्र के सुरजावली गांव निवासी रोशन सिंह पैर से विकलांग हैं, जो ट्राइसिकल से ही आ-जा सकते हैं। वह इस समय एसएसपी ऑफिस में विशेष जांच प्रकोष्ठ में तैनात हैं। उनकी बेटी अंजू की शादी एक दिसंबर को सलेमपुर क्षेत्र के कपिल से होनी है। रोशन का एसबीआई कैंट शाखा में खाता है। आठ नवंबर के बाद उनके खाते में जीपीएफ का करीब चार लाख रुपया आया। वह बेटी के साथ रुपये निकालने पहुंचे तो ढाई लाख रुपये में से भी केवल 24 हजार रुपये दिए गए। बाकी पैसा यह कहकर देने से मना कर दिया कि रकम उनके खाते में आठ नवंबर के बाद आई है। कई दिनों से चक्कर काटने और एसएसपी से पत्र लिखवाने के बाद अन्य कागजात भी बैंक में जमा कर दिए। लेकिन, पैसा नहीं मिला। शुक्रवार को रोशन अपनी पीड़ा बताते हुए बिलख पड़े। कहा कि सारा पैसा सरकारी है। वह अपने ही पैसे को निकालने के लिए चक्कर काट रहे हैं। पीड़ित ने एसएसपी के नाम भी शिकायती पत्र लिखा है।
रोजाना बता रहे नई शर्त
ब्रह्मपुरी निवासी धर्मवीर शर्मा स्वास्थ्य विभाग से रिटायर हैं। आठ दिसंबर को बेटे प्रवीण की शादी है। उनके खाते में पेंशन से मिली रकम जमा है लेकिन वह भी उन्हें नहीं मिल पा रही है। ढाई लाख के लिए वह बैंक के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन उन्हें रोजाना नई शर्त उन्हें बता दी जाती है।
अपनी ही रकम के लाले
ग्रामीण अभियंत्रण सेवा में जेई मांगेराम पाल के बेटे की शादी होनी है। कचहरी रोड स्थित सिंडिकेट बैंक में उनके खाते में आठ नवंबर से पहले वेतन जमा हो चुका है। अब वह अपने खाते से ढाई लाख रुपये निकालना चाहते हैं, लेकिन नहीं मिल रहे।
पेंशन के लिए भटक रहे
सुपरटेक निवासी एससी शर्मा पालीटेक्निक कॉलेज से प्रवक्ता पद से रिटायर हैं। वह ईस्टर्न रोड स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र से अपने बैंक खाते से पेंशन की रकम निकालने के लिए भटक रहे हैं।
भुगतान संभव नहीं
आरबीआई के निर्देशानुसार बैंक खाते में आठ नवंबर से पूर्व धनराशि में से ही शादी के लिए ढाई लाख रुपये की रकम दी जा सकती है। आठ नवंबर के बाद बैंक खाते में आई रकम से भुगतान नहीं किया जा सकता। सप्ताह में सिर्फ 24 हजार निकाले जा सकते हैं। - संजय सिंह, प्रबंधक एसबीआई कैंट शाखा
स्थिति स्पष्ट नहीं है
आरबीआई के निर्देश हैं कि आठ नवंबर से पहले ही खाते में जमा रकम से शादी के लिए भुगतान होगा। इसके बाद खाते में आई जीपीएफ या पेंशन आदि की धनराशि से शादी वाले परिवारों का भुगतान किया जा सकता है या नहीं, इस संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं है। - अविनाश तांती, एलडीएम