वह पीड़ित परिवार को धमकी देता रहा। जिसे लेकर पीड़ित परिवार डरा हुआ था। किशोरी मानसिक तनाव में थी। बुधवार को उसने मकान की छत के कुंडे में दुपट्टे से फांसी लगा ली। उस समय परिजन खेत पर गए हुए थे। दोपहर करीब दो बजे पीड़िता का पिता घर पहुंचा तो बेटी का शव लटका देखकर कोहराम मच गया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। एसपी क्राइम रामअर्ज ने आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। एसएसपी ने इंस्पेक्टर मवाना विनय आजाद को लाइन हाजिर कर दिया है।
आरोपी के परिजनों ने की थी मारपीट
पीड़िता के पिता का आरोप था कि घटना की जानकारी होने पर वह आरोपी के यहां शिकायत करने गया था। आरोपी के परिजनों ने बेइज्जती करते हुए उसके साथ मारपीट की थी। घटना के बाद से पूरा परिवार तनाव व दहशत में था। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। जिस कारण उनकी बेटी ने जान दे दी।
परिजनों का आरोप था कि मवाना खुर्द पुलिस चौकी प्रभारी उनको धमकाते थे। समझौता करने के लिए दबाव बनाते थे। परिजन मवाना खुर्द पुलिस चौकी प्रभारी को निलंबित करने की मांग कर रहे थे। वहीं, महिला कांस्टेबल पर भी सही प्रकार से पीड़िता के बयान नहीं कराने का आरोप लगाया। पुलिस क्षेत्राधिकारी को भी महिलाओं ने जमकर खरी खोटी सुनाई।
पुलिस बोली, जांच में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं
दुष्कर्म पीड़िता के आत्महत्या करने की सूचना पर एसएसपी अजय साहनी मवाना थाने पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी ली। थाना पुलिस को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। थाना प्रभारी का कार्य देख रहे एसएसआई नरेंद्र सिंह का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए कई बार दबिश दी गई, लेकिन वह हाथ नहीं आ सका। मेडिकल जांच में भी दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई थी।
किशोरी ने दुष्कर्म का आरोप लगाकर बृजपाल पर केस दर्ज कराया था। मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई थी। मामले का निस्तारण न करने पर इंस्पेक्टर को हटाया गया है। नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजेंगे। प्रधानी चुनाव को लेकर दो पक्षों के बीच पुराना विवाद भी है। -अजय साहनी, एसएसपी