मीट फैक्ट्रियों से लिए गए सैंपल की जांच में बड़ा खेल सामने आया है। मेरठ की मीट फैक्ट्रियों से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट के लिए जब पुलिस फोरेंसिक लैब पहुंची तो पता चला कि रिपोर्ट तो एक वेटनरी ऑफिसर पहले ही ले गया। ये अधिकारी छापामार टीम भी शामिल था। इन जांच रिपोर्ट में जहां सैंपल पास बताए गए। एक रिपोर्ट जो वह अधिकारी नहीं ले जा पाया था, उस रिपोर्ट में गौ मांस की पुष्टि हो गई है। आला अधिकारी अब जांच की बात कह रहे हैं। ये सैंपल शासन के निर्देश पर पिछले माह साठ अधिकारियों की टीम ने नौ मीट फैक्ट्रियों को सील करके लिये थे।
खुद ही जाकर ले आए रिपोर्ट
अभी तक स्पष्ट रूप से चार रिपोर्ट आई जिसमें एक बंद लिफाफे में ही लैब ने भेजी है। इसी में गौमांस की पुष्टि हुई है। जलालपुर में एक बर्फखाना केनाम से चल रही इस फैक्ट्री में वीओ डा. संजय चतुर्वेदी ने सैंपलिंग की थी। बाकी तीन अन्य फैक्ट्रियों की रिपोर्ट बिना किसी की परमिशन के वेटेनरी आफिसर ले आया था, इनमें मीट भैंस का पाया गया। इसमें यूनिवर्सल इंडिया और यूनिवर्सल इंडिया एग्रो सीड शामिल हैं। नियम यह है कि बंद लिफाफे में फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट संबंधित थाने या आला अधिकारियों को पहुंचती है। विशेष परिस्थितियों में आला अधिकारी रिपोर्ट मंगा सकते हैं। इस मामले में ऐसा कुछ नहीं हुआ।
पुलिस रिपोर्ट ने खोली पोल
क्षेत्राधिकारी किठौर कार्यालय से रिपोर्ट के लिए निदेशक विधि विज्ञान प्रयोगशाला मथुरा पत्र भेजा गया कि थाना खरखौदा से संबंधित मुकदमें में मीट सैंपल की रिपोर्ट कांस्टेबल को दे दें। कांस्टेबल वहां पहुंचा तो इस पत्र पर लैब के संयुक्त निदेशक ने रिपोर्ट लगा दी कि 15 अप्रैल को रिपोर्ट पशु चिकित्साधिकारी डा. भूदेव सिंह स्वयं ले गए हैं। भावनपुर की रॉयल फूड फैक्ट्री में गौमांस होने के शक में राहुल ठाकुर और बलराज डूंगर के बीच जमकर मारपीट हुई थी। भूदेव सिंह उसमें भी कूद गए और उसकी रिपोर्ट भी फोरेंसिक लैब से खुद जाकर ले आए। इस पर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां तो पूरा हंगामा ही इसे लेकर हुआ था कि गौ मांस है। दरअसल वीओ भूदेव सिंह मंशादेवी थाना मेडिकल सर्किल में हैं। न तो वे भावनपुर थाने से संबंद्घ हैं और न ही खरखौदा से। लेकिन दोनों जगह की रिपोर्ट वह मथुरा जाकर लाए। शुक्रवार को डा. भूदेव यह रिपोर्ट लेकर थाना खरखौदा पहुंचे तो इंस्पेक्टर संदीप सिंह ने यह खुली हुई रिपोर्ट लेने से इंकार कर दिया। कहा कि बिना अथॉरिटी लेटर के यह रिपोर्ट स्वीकार नहीं की जाएगी। पहले ही रिपोर्ट खुली है। इसे लेकर जमकर हंगामा रहा।