फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा के वरिष्ठ नेता की सड़क हादसे में मौत, परिवार में मचा कोहराम

Tue, 06 Feb 2018 06:33 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
पत्नी के साथ भाजपा नेता का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

मेरठ में हाइवे पर सड़क पार कर रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता मंगल सैन को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। उन्हें तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना का पता चलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है।

विज्ञापन


छोटा बाजार तिलक चौक निवासी मंगल सैन (60) पुत्र मलुक राज सैन भाजपा के वरिष्ठ नेता थे। रविवार देर रात वह अपनी कार से हाईवे स्थित एक रिसोर्ट में शादी समारोह में गए थे। हाईवे पर जाम लगा होने के कारण उन्होंने अपनी कार को सड़क के दूसरी ओर ही खड़ा कर दिया और पैदल ही रिसोर्ट चले गए। वहां से लौटते वक्त सड़क पार करने के दौरान एक वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। उनके सिर में गंभीर चोट आई। मौके पर मौजूद लोग उन्हें पास के ही हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 

सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पीएम के लिए भिजवाया। वहीं घटना का पता चलते ही भाजपाइयों में शोक की लहर दौड़ गई। रात में दर्जनों भाजपाई मौके पर पहुंच गए। देर रात ही शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इंस्पेक्टर दीपक शर्मा का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर अज्ञात में केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन


पढ़ें : हादसा : पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के चचेरे भाई समेत दो की मौत, कई घायल

विज्ञापन

फाइल फोटो
उधर, सोमवार सुबह शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पूर्व मेयर हरिकांत अहलूवालिया, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी, पूर्व विधायक अमित अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिन्दर पाल सिंह, महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग, संजय त्रिपाठी, विवेक रस्तोगी, नीरज मित्तल, ललित नागदेव, गजेंद्र शर्मा, पवन मित्तल, कमल ठाकुर, जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, प्रवीण अग्रवाल पार्षद राजेश खन्ना, मदन मोहन गुप्ता आदि मौजूद रहे।

पार्षद दल के नेता भी रहे थे मंगल सैन
मंगल सैन 1998 में भाजपा की तरफ से नगर निगम में मनोनीत पार्षद बने थे। इसके साथ ही वह 1992 में मंडल महामंत्री रहे। वहीं 2000 में वह भाजपा के सिंबल पर न केवल पार्षद निर्वाचित हुए, बल्कि भाजपा पार्षद दल के नेता भी रहे। इसके साथ ही वह एमडीए बोर्ड के सदस्य भी रहे। वर्ष 2012 के नगर निगम चुनाव में वह भाजपा की तरफ से महापौर पद के सशक्त दावेदार थे, लेकिन ऐन मौके पर उनका टिकट काट कर हरिकांत अहलूवालिया को दे दिया गया था। मंडलाध्यक्ष ठा. ओपी सिंह ने बताया कि जब भी चुनाव का दौर शुरू होता था तो मंगल सैन को चुनाव में मुख्य जिम्मेदारी दी जाती थी।

परिजनों का बुरा हाल
मंगल सैन के दो बेटे कमल सैन और नवल सैन हैं। दोनों शादीशुदा हैं और वर्तमान में अपने-अपने परिवार के साथ बरेली में रहते हैं। उनकी बरेली में गैस एजेंसी और पैट्रोल पंप है। यहां मंगल सैन व उनकी पत्नी बीना सैन ही रहती थीं। हादसे का पता चलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें