उधर, सोमवार सुबह शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पूर्व मेयर हरिकांत अहलूवालिया, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी, पूर्व विधायक अमित अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिन्दर पाल सिंह, महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग, संजय त्रिपाठी, विवेक रस्तोगी, नीरज मित्तल, ललित नागदेव, गजेंद्र शर्मा, पवन मित्तल, कमल ठाकुर, जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, प्रवीण अग्रवाल पार्षद राजेश खन्ना, मदन मोहन गुप्ता आदि मौजूद रहे।
पार्षद दल के नेता भी रहे थे मंगल सैन
मंगल सैन 1998 में भाजपा की तरफ से नगर निगम में मनोनीत पार्षद बने थे। इसके साथ ही वह 1992 में मंडल महामंत्री रहे। वहीं 2000 में वह भाजपा के सिंबल पर न केवल पार्षद निर्वाचित हुए, बल्कि भाजपा पार्षद दल के नेता भी रहे। इसके साथ ही वह एमडीए बोर्ड के सदस्य भी रहे। वर्ष 2012 के नगर निगम चुनाव में वह भाजपा की तरफ से महापौर पद के सशक्त दावेदार थे, लेकिन ऐन मौके पर उनका टिकट काट कर हरिकांत अहलूवालिया को दे दिया गया था। मंडलाध्यक्ष ठा. ओपी सिंह ने बताया कि जब भी चुनाव का दौर शुरू होता था तो मंगल सैन को चुनाव में मुख्य जिम्मेदारी दी जाती थी।
परिजनों का बुरा हाल
मंगल सैन के दो बेटे कमल सैन और नवल सैन हैं। दोनों शादीशुदा हैं और वर्तमान में अपने-अपने परिवार के साथ बरेली में रहते हैं। उनकी बरेली में गैस एजेंसी और पैट्रोल पंप है। यहां मंगल सैन व उनकी पत्नी बीना सैन ही रहती थीं। हादसे का पता चलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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