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सर्जिकल स्ट्राइक : सही वक्त पर लिया उड़ी हमले का बदला

Fri, 30 Sep 2016 12:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरों
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उड़ी में आतंकवादी हमले का सेना ने करारा जवाब दिया है। हमले के बाद ही तय हो गया था कि इस बार कड़ी कार्रवाई होगी। कब, कैसे और कितनी तादाद में एक्शन होगा, यह सेना तय करेगी। सेना ने आखिरकार 10 दिन बाद बदला ले लिया। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की सरजमीं पर भारत के स्पेशल कमांडो ने सर्जिकल स्ट्राइक में आतंकवादी ट्रेनिंग कैंप और लांचिंग पैड को तबाह कर दिया। पूर्व डीजी मिलिट्री इंटेलीजेंस लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर) आरएन सिंह का कहना है पाक को सर्जिकल स्ट्राइक से सबक लेना चाहिए। भारत ने अब शराफत छोड़ दी है। पहली दफा पाक की जमी पर इतनी बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक हुई है। इसके बड़े मायने हैं।
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पूर्व डीजी ने अमर उजाला से बातचीत में कहा उड़ी अटैक के बाद साफ हो गया था कि अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन) ने इसका संकेत पहले ही दे दिया था। अच्छी बात यह है कि सर्जिकल स्ट्राइक पूरी तरह कामयाब रही। हमें अपनी ओर से कोई क्षति नहीं हुई। आतंकवादियों की मौत के अलावा कामयाबी इस बात की भी है कि उनके चार लांचिंग पैड तबाह हुए हैं। पाक के एक्शन पर पहली दफा इतना बड़ा रिएक्शन हुआ है। इस कार्रवाई के बाद अगर पाक आगे कुछ करवाता है तो नुकसान उसका ही ज्यादा होगा। भारत नैतिक, शारीरिक, आर्थिक और हथियारों के रूप में कहीं ज्यादा मजबूत है। रही बात परमाणु बम की धमकी की तो पाक की हिम्मत नहीं होगी वह इस्तेमाल करे। वह अपना देश बर्बाद नहीं करना चाहेगा।

खुलकर काउंटर अटैक नहीं करेगा पाक

पूर्व डायरेक्टर जनरल ऑपरेशन लॉजिस्टिक लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर) राकेश चंद्र चड्ढा का कहना है कार्रवाई के लिए सेना पर उन्हें गर्व है। सर्जिकल स्ट्राइक के बदले में कुछ गड़बड़ हो सकती है। इसको लेकर चौकन्ना रहना होगा। रक्षा विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार का कहना है भारत ने आतंकवादी हमले का जवाब देने से पहले कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरा माहौल अपने हक में बना लिया। उसके बाद कार्रवाई की। पाक खुलकर काउंटर अटैक करने वाला नहीं है। इसके लिए पहले उसे आतंकवादियों की मौत को स्वीकार करना होगा।
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लांचिंग पैड से लांच होते हैं आतंकवादी
सर्जिकल स्ट्राइक में आतंकवादी ट्रेनिंग कैंप और लांचिंग पैड को निशाना बनाया गया। लेफ्टिनेंट जनरल आरएन सिंह (रिटायर) का कहना है ट्रेनिंग कैंप आमतौर से एलओसी से 10 से 12 किमी दूर चलते हैं। आतंकवादियों को ट्रेंड करने के बाद लांचिंग पैड पर लाया जाता है। यहां आतंकवादी एक या दो दिन ही रुकते हैं। उन्हें हथियारों से लेकर अन्य जानकारी तक से लैस किया जाता है। घुसपैठ के लिए इलाके से अवगत कराया जाता है। लांचिंग पैड एलओसी के एकदम नजदीक होते हैं। अहम बात यह है कि लांचिंग पैड पाक की सेना की निगरानी में रहते हैं। सेना उन्हें सपोर्ट देती है।

ये है सर्जिकल स्ट्राइक
सेना जब सीमित क्षेत्र में अपने दुश्मनों और आतंकवादियों को नुकसान पहुंचाने या मार गिराने के लिए जो सैन्य कार्रवाई करती है उसे सर्जिकल स्ट्राइक कहा जाता है। अटैक से पहले वहां की पुख्ता जानकारी जुटाई जाती है। जिस जगह आतंकी छुपे हैं, सिर्फ  उसी जगह को निशाना बनाया जाता है। इस सर्जिकल स्ट्राइक को सेना के स्पेशल कमांडो ने अंजाम दिया। अमेरिका ने पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए एबटाबाद में सर्जिकल स्ट्राइक किया था।
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