पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जल, थल और वायु सेना के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। आतंकवादियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बदले पाकिस्तान भी कुछ न कुछ करने की कोशिश करेगा। हर स्थिति का सामने करने के लिए सशस्त्र सेनाओं को हाई अलर्ट किया गया है। मेरठ में तैनात दो लड़ाकू यूनिट 9 डिविजन और 22 डिविजन भी हाई अलर्ट पर हैं। दोनों यूनिटों को मूवमेंट के लिए तैयार रहने को कहा गया है। सेना ने कैंट क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है।
जब कभी भी वॉर हुई सेना की 9 डिविजन और 22 डिविजन ने मोर्चा संभाला है। दुश्मनों के दांत खट्टे किए हैं। ये दोनों इंफेंट्री (लड़ाकू) यूनिटें हैं। जंग के मैदान में मोर्चा संभालती हैं। पाकिस्तान के साथ सीमा पर टेंशन बढ़ते ही और हमले का जवाब देने के लिए दोनों यूनिटों को मूवमेंट के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
यूनिटें तैयारी के साथ आदेश के इंतजार में हैं। यूनिटों के आला अधिकारियों ने हाई अलर्ट का मैसेज जांबाजों को दे दिया है। तीनों सेनाओं के प्रमुखों की ओर से हाई अलर्ट किया गया है। सेना के लिहाज से मेरठ महत्वपूर्ण है। सेना ने निगरानी बढ़ा दी है। औघड़नाथ मंदिर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सबकी छुट्टी कैंसिल कर दी गई है। उधर, जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान कुछ न कुछ गड़बड़ करने की कोशिश करेगा। इसलिए हाई अलर्ट किया गया है। आतंकवादी घटना का सामना करना पड़ सकता है।
सेना ने दिन में बरती चौकसी
सर्जिकल स्ट्राइक की सूचना आने के बाद सेना ने अपने यूनिटों के आसपास दिन में चौकसी बढ़ाई। सेना के जवान कई जगह पर गश्त करते नजर आए। माल रोड पर चौकसी नजर आई। अपने महत्वपूर्ण ठिकानों के पास कुछ देर के लिए अतिरिक्त चौकसी दिखाई दी।