भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग सोमवार को मेरठ में एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान सहवाग ने अपने दिल के सभी राज लोगों के सामने खोले। वीरेंद्र सहवाग ने क्रांतिधरा पर एक ऐसा बयान दिया जिससे पूरे देश में खलबली मच गई।
वीरेंद्र सहवाग ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि कप्तान भले ही टीम का सर्वेसर्वा होता है लेकिन कई मामलों में उसकी भूमिका केवल राय देने वाली होती है और यही वजह है कि 'विराट कोहली के समर्थन' के बावजूद वह भारतीय टीम के कोच नहीं बन पाए। अनिल कुंबले की कोहली के साथ अस्थिर संबंधों के कारण मुख्य कोच पद छोड़ने के बाद सहवाग भी इसके दावेदारों में शामिल हो गये थे।
सहवाग ने कहा कप्तान का टीम से जुड़े विभिन्न फैसलों पर प्रभाव होता है, लेकिन कई मामलों में अंतिम निर्णय उसका नहीं होता है। उन्होंने कहा कि कोच और चयन में कप्तान की भूमिका हमेशा राय देने वाली रही है। विराट कोहली चाहते थे कि मैं भारतीय टीम का कोच बनूं। यह बयान सहवाग ने सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान दिया।
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