वायरल और चिकनगुनिया की चपेट में आईं एथलीट सीमा पूनिया को परिजनों ने सोमवार शाम दिल्ली के मैक्स अस्पताल से डिस्चार्ज करा लिया। उन्हें माइग्रेन और साइनस की समस्या के चलते मोहन नगर स्थित मोहन अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां देर रात डॉक्टरों ने कुछ सैंपल लेने के बाद ट्रीटमेंट लिखते हुए उन्हें छुट्टी दे दी है।
रियो ओलंपिक के दौरान वायरल से पीड़ित सीमा को दो दिन पहले जीका वायरस की आशंका के चलते दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके पति और कोच अंकुश पूनिया ने बताया कि मैक्स में सीनियर डॉक्टरों के इलाज के बाद सीमा की हालत में अपेक्षाकृत सुधार हुआ है, पर लगातार बीमार रहने से वह काफी कमजोर हो गई हैं। जीका वायरस के अंदेशे से भी उन्होंने इनकार किया है।
हालांकि, चिकित्सकों ने तीन और सैंपल टेस्ट के लिये भेजे हैं। अंकुश ने बताया कि सोमवार को सीमा को बुखार तो नहीं आया, लेकिन माइग्रेन अटैक और साइनस के चलते सिर और शरीर में दर्द बराबर बना हुआ है। इसके इलाज के लिये सीमा को शाम को मैक्स से मोहन नगर स्थित मोहन अस्पताल शिफ्ट किया गया। जहां डॉ. जेपी सिंह की देखरेख में उनका इलाज शुरू किया गया। हालांकि देर रात अंकुश ने बताया कि कुछ जरूरी जांच और डॉक्टरी सलाह के बाद सीमा को घर जाने की मंजूरी दे दी गई।
‘अच्छा प्रदर्शन चाहिए तो सुविधाएं दो’
अंकुश पूनिया का कहना है कि जब अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के लिए कोई सरकार और फेडरेशन आगे नहीं आ रही है, तो दूसरे खिलाड़ियों का क्या हाल होगा। सरकार और फेडरेशन जब खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रखती है, तो उन्हें सुविधाएं भी तो अच्छी मिलनी चाहिए। रियो ओलंपिक में बिना कोच के सीमा को भेज दिया गया, तभी से वह बीमार चल रही हैं। किसी को उनका हाल जानने की भी फुरसत नहीं है, जबकि हरियाणा सरकार का अपने खिलाड़ियों पर पूरा फोकस रहता है।