वर्ष 2015 में इंचियोन में आयोजित एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल करने वाली सीमा पूनिया ने रविवार को एक और उपलब्धि अपने खाते में दर्ज करा ली। कैलिफोर्निया में पेट यंग थ्रोअर क्लासिक इवेंट में सीमा ने 62.62 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके साथ ही उन्होंने रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया है।
वह पांच माह से अमेरिका में रहकर प्रैक्टिस कर रहीं थी। क्वालीफाई करने की सूचना ससुराल में पहुंचने के बाद खुशी का माहौल है।क्वालीफाई मुकाबले में उन्होंने 62.62 मीटर डिस्कस थ्रो फेंका, जबकि ओलंपिक मार्क 61 मीटर था। सीना अब तक 10 बार 61 मीटर से ज्यादा का थ्रो फेंक चुकी हैं।
यह सीमा पूनिया के इस सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रर्दशन था। इसके साथ ही सीमा ने 2008 की ओलपिंक चैंपियन अमेरिका की स्टेफनी ब्राउन ट्रेफ्टन को भी पीछे छोड़ दिया। सीमा ने इससे पहले 2004 और 2012 में भी हिस्सा लिया था, लेकिन दोनों ही बार वह क्वालीफिकेशन राउंड पार नहीं कर पाईं थी। सीमा भारत की 19वीं ट्रैक एंड फील्ड एथलीट हैं, जिन्होंने रियो ओलंपिक के लिए पात्रता हासिल की है।
सीमा पूनिया के जेठ अनुज चौधरी ने बताया कि रविवार की तड़के तीन बजे उनके क्वालीफाई करने की सूचना परिवार को मिली। इस पर सभी लोग खुशी से झूम उठे।
सीमा का लक्ष्य ओलंपिक में गोल्ड मेडल हासिल करना है। इसके लिए वह अमेरिका में ही रहकर अपने पति और कोच अंकुश पूनिया के साथ प्रैक्टिस कर रही है। सीमा पूनिया मूल रुप से हरियाणा के गांव खेवड़ की निवासी हैं। उनकी शादी सकौती टांडा गांव निवासी अंकुश पूनिया पुत्र तेजपाल सिंह से हुई थी।
क्वालीफाई होने पर रविवार को भी परिवार में जश्र मनाया गया। उनके ससुर तेजपाल सिंह, सास राजकुमारी, जेठ अनुज, जेठानी आस्था, ननद प्रियंका, ननदोई सोनू ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। सभी ने फोन पर सीमा पूनिया को बधाई भी दी।
सीमा को मिल चुका है यश भारती पुरस्कार
मोदीपुरम। मेरठी बहू सीमा पूनिया को प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पिछले माह यश भारती पुरस्कार से सम्मानित किया था। सीमा पूनिया के अमेरिका में होने के कारण उनके ससुर तेजपाल ने लखनऊ में यह पुरस्कार ग्रहण किया था।