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Meerut News: बेटे को तिरंगे से लिपटा देख छलके आंसू, मां बोली-एक बार उठजा बेटा

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मेरठ..कंवलजीत..चकराता में सड़क हादसे में शहीद हुए मेजर शुभम सैनी के पार्थिव शरीर को रोहटा रोड स्
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कंकरखेड़ा/मेरठ। रोहटा रोड स्थित सरस्वती विहार कॉलोनी स्थित घर पर रविवार दोपहर 1:10 मिनट पर आर्मी के वाहन में मेजर शुभम सैनी का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर लाया गया। इस दौरान माहौल गमगीन हो गया। जैसे ही शव घर के अंदर ले जाया गया। मां रीता अपने लाल के चेहरे पर हाथ फेर रही थीं। वह कह रही थीं बेटा एक बार उठजा...मैं तो तेरे सिर पर सेहरा देखना चाहती थी। मां के आंसुओं को देखकर कॉलोनी में मौजूद महिलाओं व लोगों की आंखें भी नम हो गईं। सैन्य सम्मान के साथ शुभम सैनी का अंतिम संस्कार किया गया। बड़े भाई तुषार ने मुखाग्नि दी।
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रोहटा रोड स्थित घसौली गांव निवासी शुभम सैनी के पिता सत्तेन लगभग 15 वर्षों से परिवार के साथ सरस्वती विहार में रह रहे हैं। सत्तेन सैनी आर्मी से सूबेदार के पद से रिटायर्ड हैं। परिवार में पत्नी रीता के अलावा बेटा तुषार, शुभम व बेटी है। तुषार नोएडा एक सॉफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर है। बेटी निधि आर्मी स्कूल में शिक्षिका हैं। शुभम देहरादून के चकराता में मेजर पद पर 15 आर्म्ड में तैनात थे। सत्तेन ने बताया कि शनिवार दोपहर उनके मोबाइल पर फोन आया कि शुभम की कार शुक्रवार को एक वाहन को बचाने के चक्कर में अनियंत्रित होकर 50 फीट नीचे खाई में गिर गई। गंभीर हालत में शुभम को अस्पताल में ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने शुभम को मृत घोषित कर दिया था।
रविवार को सेना के अधिकारी व मेजर यूनिट के साथी उनके शव ट्रक से लेकर सरस्वती विहार पहुंचे। जब मेजर के पार्थिव शरीर को लेकर जाया जा रहा था। तब शुभम की मां, बहन निधि समेत परिवार की महिलाएं रोते हुए एक साथ बोलीं अभी मत लेकर जाओ। लगभग आधे घंटे सरस्वती विहार में रुकने के बाद परिजन मेजर शुभम के पार्थिव शव को लेकर पैतृक गांव घसौली ले जाया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। लोगों ने मेजर के पार्थिव शव पर पुष्प वर्षा कर भारत माता के जयकारे लगाए तो रोहटा रोड जयकारों से गूंज गई। लोग सरस्वती विहार से पैदल ही आर्मी के वाहन के साथ गांव तक पहुंचे।
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एक झलक पाने के लिए उमड़े लोग
मेजर शुभम की एक झलक पाने के लिए लोग पार्थिव शरीर पहुंचने पर और अंतिम यात्रा में उमड़ पड़े। बड़ी संख्या मेें लोग सड़क पर दिख रहे थे। महिलाएं अपने घरों की छत पर देर तक उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए खड़ी रहीं। रास्ते में युवा तिरंगा लेकर खड़े दिखाई दिए और उन्होंने नारे लगाए कि जब तक सूरज चांद रहेगा मेजर शुभम सैनी का नाम रहेगा। मेजर शुभम के साथी भी अपने दोस्त को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे।



नेता सांत्वना देने पहुंचे
मेजर शुभम सैनी का पार्थिव शरीर जैसे ही गांव में पहुंचा। गांव में जनप्रतिनिधियों का तांता लग गया। सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, विधायक गुलाम मोहम्मद, पूर्व विधायक जितेंद्र सतवाई, विश्व हिंदू महासंघ के अध्यक्ष मांगेराम शर्मा, भाजपा नेता पंडित सुनील भराला व सतेंद्र भराला, ग्राम प्रधान प्रदीप घसौली, जंगेठी ग्राम प्रधान नीटू, बिजेंद्र प्रमुख समेत अन्य मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने मेजर शुभम को अंतिम विदाई और परिजनों को सांत्वना दी।
पिता बोले बेटे पर गर्व है

पिता ने बताया कि बेटे शुभम का बचपन से ही देश सेवा करने का मन था। पिता रोते हुए एक बार बेटे के चेहरे को देखते और एक बार आसमान की तरफ। नम आंखों से पिता ने कहा कि बेटे पर गर्व है।

मेरठ..कंवलजीत..चकराता में सड़क हादसे में शहीद हुए मेजर शुभम सैनी के पार्थिव शरीर को रोहटा रोड स्

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