सहारनपुर शहर कोतवाली, एसओजी और सर्विलांस टीम ने नकली सिक्के मामले में जिन गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया था, वह आठ ग्राम का सिक्का बनाते थे। जबकि असली सिक्के का वजन 10 से 12 ग्राम के बीच होता है। नकली सिक्के बनाने वाले गिरोह के पास से मिले सात रजिस्टरों में इस काले धंधे का पूरा राज छिपा हो सकता है। सहारनपुर में नकली नोटों के बाद अब नकली सिक्कों का खुलासा हुआ है। पांच बदमाश गिरफ्तार हुए हैं। 1.28 लाख के नकली सिक्के, छह मशीनें, डाई, पांच लाख के अधबने सिक्के आदि बरामद हुए हैं।
सहारनपुर में नकली सिक्के बनाने वाले गिरोह के पास से मिले सात रजिस्टरों में इस काले धंधे का पूरा राज छिपा हो सकता है। चर्चा है कि रजिस्टरों में दर्ज लेन-देन और सिक्कों की आपूर्ति सहित अनेक महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस को लगी हैं। कई मोबाइल नंबर भी पुलिस के हाथ लगे हैं, जो गिरोह के फरार सदस्यों तक पुलिस को पहुंचने में मदद करेंगे।
विज्ञापन
शहर कोतवाली पुलिस गिरोह के पास से 20-20 रुपये के 6,400 नकली सिक्के, पांच लाख रुपये के अधबने सिक्के, आठ मोबाइल फोन, सात रजिस्टर बरामद मिले थे। माना जा रहा है कि इन्हीं रजिस्टरों में नकली सिक्कों के अवैध कारोबार के कई राज छिपे हो सकते हैं, जो कड़ी दर कड़ी इस धंधे से जुड़े लोगों तक पहुंचने में पुलिस की मदद करेंगे। पुलिस के मुताबिक, रजिस्टर में कारोबार से जुड़े लेनदेन और सिक्कों की सप्लाई का हिसाब दर्ज है।
आरोपी जो भी सिक्के बाजार, शराब के ठेकों और टोल प्लाजा आदि पर सप्लाई करते थे, उन सबका हिसाब रजिस्टर में दर्ज करते थे। इसके अनुसार ही उनका कमीशन तय होता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह के सदस्य किन-किन लोगों के संपर्क थे। रजिस्टर में दर्ज नाम, मोबाइल नंबर और अन्य विवरणों का सत्यापन किया जा रहा है।
बातचीत की जानकारी जुटा रही पुलिस
गिरोह के कुछ अन्य सदस्य अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। ऐसे में बरामद मोबाइल फोन और रजिस्टर में मिले नंबर जांच के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। पुलिस इन नंबरों के जरिए आरोपियों के संपर्कों और आपसी बातचीत की जानकारी जुटाने में लगी है। मोबाइल नंबरों और रजिस्टर के आधार पर गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगेगा।
आठ ग्राम का सिक्का बना रहा था गिरोह, बाजार में आए थे खपाने
सहारनपुर शहर कोतवाली, एसओजी और सर्विलांस टीम ने नकली सिक्के मामले में जिन गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया था, वह आठ ग्राम का सिक्का बनाते थे। इसका खुलासा आरोपियों से पूछताछ के दौरान हुआ था। गिरोह के सदस्य बाजार में सिक्कों को खपाने आए थे।
इस दौरान कार बेसहारा पशु से टकरा गई थी। इसके बाद आरोपी कार को साइड में लगाकर अपने अन्य साथियों का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच श्रीराम चौक पर जाम लग गया। पुलिस कार को हटाने पहुंची और कार की तलाशी तो पूरा मामला सामने आया।
पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य आठ ग्राम का सिक्का तैयार करते थे, जबकि असली सिक्के का वजन 10 से 12 ग्राम के बीच होता है।
बाजार में खपाए नकली सिक्के, कहीं आपकी जेब में तो नहीं पहुंचे
अगर आप के पास 20 रुपये के सिक्के हैं तो उसकी अच्छे से जांच पड़ताल कर लें। संदेह होने पर दुकानदार को लौटा दें। शहर कोतवाली पुलिस ने जिन आरोपियों को पकड़ा था। वह बड़ी संख्या में 20 रुपये के नकली सिक्के बाजारों में खपा चुके हैं। एक बार देखने पर नकली सिक्के की पहचान नहीं हो पाती है। गौर से देखने पर ही पता चलता है।
ऐसे करें 20 रुपये के सिक्के की पहचान
20 रुपये का सिक्का 12 किनारों वाला होता है। अगर सिक्के के आकार या किनारों में असामान्य अंतर दिखाई दे तो सावधान रहें। हालांकि, केवल आकार या किनारों को देखकर किसी सिक्के को नकली नहीं माना जा सकता।
वजन भी हो सकता है अहम संकेत
असली सिक्के का वजन निर्धारित मानक के अनुसार होता है। अगर कोई 20 रुपये का सिक्का सामान्य से बहुत ज्यादा हल्का या भारी महसूस हो तो उसकी जांच कराना बेहतर है।
किनारे की फिनिशिंग देखें
सिक्के के किनारे को भी ध्यान से देखें। अगर किनारा बहुत खुरदुरा, टेढ़ा-मेढ़ा या असमान दिखाई देता है तो सिक्का संदिग्ध हो सकता है। नकली सिक्कों में ढलाई और फिनिशिंग की कमी दिखाई दे सकती है।
लिखावट और डिजाइन करें चेक
सिक्के पर लिखा 20 का अंक, रुपये का चिह्न, शब्द और अन्य डिजाइन साफ और स्पष्ट होने चाहिए। अक्षरों या डिजाइन में ज्यादा धुंधलापन, टेढ़ापन या असामान्य बनावट दिखाई दे तो सावधानी बरतें।
धातु और आवाज पर भी दें ध्यान
सिक्के की धातु या उसकी फिनिशिंग सामान्य से अलग महसूस हो तो उसकी जांच कराएं। सिक्के को हल्के से बजाने पर आवाज अलग लगना भी एक संकेत हो सकता है, लेकिन सिर्फ आवाज के आधार पर सिक्के को नकली न मानें।