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जाली नोटों के बाद अब नकली सिक्के: चार दिन पहले इसलिए सोनीपत से फैक्टरी की थी खत्म; यहां से लाते थे कच्चा माल

Tue, 15 Sep 2026 01:48 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर

सार

नकली सिक्के बनाकर बाजार में खपाने वाले गिरोह को लेकर नए राज खुले हैं। दिल्ली पुलिस के डर से चार दिन पहले ही सोनीपत से फैक्टरी खत्म कर दी थी। सोनीपत में राई इंडस्ट्रीज एरिया से धंधा चल रहा था। आठ सितंबर को गिरोह का सदस्य पकड़ा गया था। आरोपी से एक लाख के नकली सिक्के बरामद हुए थे। हाल ही में सहारनपुर में नकली नोटों के बाद अब नकली सिक्कों का खुलासा हुआ है। पांच बदमाश गिरफ्तार हुए हैं। 1.28 लाख के नकली सिक्के, छह मशीनें, डाई, पांच लाख के अधबने सिक्के आदि बरामद हुए हैं।
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saharanpur fake coin factory - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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यूपी में नकली सिक्के बनाने वाले गिरोह को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सहारनपुर में नकली सिक्के बनाने वाले गिरोह ने दिल्ली पुलिस के डर से चार दिन पहले ही सोनीपत से फैक्टरी को खत्म किया था। 
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आठ सितंबर को दिल्ली पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को पकड़ा था, जिसके पास से एक लाख रुपये के नकली सिक्के बरामद हुए थे। उसके बाद से गिरोह ने सोनीपत के राई इंडस्ट्रीज एरिया में पांच महीने से जमे धंधे की जगह बदलने का निर्णय लिया।

नकली सिक्के तैयार करने वाले गिरोह का मुख्य सरगना उपकार लूथरा है, जिसने हरियाणा में सोनीपत के राई इंडस्ट्रीज एरिया में नकली सिक्के बनाने की फैक्टरी स्थापित की थी। 
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वह अपने गिरोह के साथ पांच महीने से सोनीपत में सक्रिय रहकर बिहार, पंजाब, वेस्ट यूपी के अलावा कई जिलों में नकली सिक्कों की सप्लाई कर रहा था। आठ सितंबर को दिल्ली पुलिस ने गिरोह के सदस्य पारस जैन को पकड़ा था। उसके पास से एक लाख रुपये के नकली सिक्के बरामद हुए थे, जो 20-20 रुपये के थे।

 

आरोपी पारस जैन की गिरफ्तारी के बाद गिरोह के मुख्य सरगना ने सोनीपत से फैक्टरी को खत्म करने की योजना बनाई। उन्हें डर था कि कहीं पारस जैन फैक्टरी का पता न बता दे। दिल्ली और सोनीपत पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। 

इसी डर के चलते आरोपी उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह, हिमांशु उर्फ गुल्लू, कुलदीप, संतोष और अनुराग पाल उर्फ लंकेश ने 10 सितंबर को सोनीपत से फैक्टरी को खत्म कर दिया था। इसके बाद नया ठिकाना तलाश रहे थे। 

 

उन्हें सबसे ज्यादा सुरक्षित सहारनपुर लगा, जहां से उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल, दिल्ली, पंजाब भागने में मुश्किल से दो घंटे लगते हैं। इसलिए सहारनपुर में नकली सिक्कों की फैक्टरी लगाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन फैक्टरी स्थापित करने से पहले ही उनके मंसूबों पर पानी फिर गया।

आरोपी संतोष का सगा भाई भी गिरोह में शामिल
पुलिस जांच में सामने आया कि पकड़े गए आरोपी संतोष ने अपने सगे भाई अखिलेश को भी गिरोह में शामिल कर रखा है। पुलिस ने उसे भी नामजद किया है। हालांकि, उसकी अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। आरोपी संतोष बिहार में मधुबनी जिले के लड्डूगांव थाना राजनगर का रहने वाला है

दिल्ली से लाते थे कच्चा माल
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य नकली सिक्के बनाने के लिए कच्चा माल दिल्ली से लाते थे। कच्चा माल लाने की जिम्मेदारी मुख्य सरगना ने हिमांशु और संतोष को सौंप रखी थी। इसके लिए पुलिस ने बरामद की कार का इस्तेमाल करते थे। स्विफ्ट डिजायर कार प्रयागराज नंबर की है।

 
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नकली सिक्के बनाकर बाजार में सप्लाई करने के मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। प्रारंभिक जांच में अभी तक गिरोह में सात से आठ सदस्य होने का पता चला है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी। अन्य नाम भी सामने आएंगे।- व्योम बिंदल, एसपी सिटी
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