संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। माघ महीने की गुप्त नवरात्रि के प्रथम दिन ऐतिहासिक नगरी के पांडव टीले पर स्थित प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई।
गुप्त नवरात्रि के शुभारंभ पर मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचने लगे। मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि गुप्त नवरात्रि का जयंती माता मंदिर में विशेष महत्व है। इन नौ दिनों में देवी की आराधना गुप्त रूप से की जाती है, जिससे साधना और तप का फल प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि यह मंदिर महाभारत कालीन माना जाता है।
गुप्त नवरात्रि के पहले दिन पूर्व विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) सरोजनी अग्रवाल मंदिर पहुंचीं और माता जयंती के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने माता से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की।
मंदिर के आचार्य मुकेश शांडिल्य ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। पूजा के दौरान देवी के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने माता को चुनरी, नारियल, फूल और प्रसाद अर्पित किया।