मुंडाली। अरब की मक्का क्रिमिनल कोर्ट से मुंडाली थाना क्षेत्र के गांव रछौती निवासी जैद को मौत की सजा सुनाए जाने की सूचना मिलने के बाद से जैद के परिजनों व रिश्तेदारों में खौफ और अफसोस है। पैसा कमाने गया उनका बैटा पैसा कमाने के चक्कर में मौत की कगार तक पहुंच गया है।
सऊदी अरब में ही नौकरी कर रहे भाई मोईन खान उर्फ मोनू और बिलाल अहमद ही जैद के बचाव के लिए अधिवक्ता की तलाश में लगे हैं। ग्रामीण, रिश्तेदार व परिजन दुआ कर रहे हैं कि वह बच जाए। मुंडाली थाना क्षेत्र के रछौती निवासी जैद (36) पुत्र जुबैर 2018 में सऊदी अरब में चालक की नौकरी करने गया था। 15 जनवरी, 2023 में मादक पदार्थ की तस्करी के आरोप में जेद्दाह जेल में बंद है। उसे मौत की सजा सुनाई गई है। सऊदी सरकार ने जैद के परिजनों को उचित पैरवी के लिए नोटिस भेजा है।
पिता जुबैर ने बताया कि वह छोटे से किसान हैं और परिवार बड़ा है। इसलिए पैसा कमाने बेटा विदेश गया था, परंतु उसे क्या पता था कि पैसा कमाने के चक्कर में मौत का फंदा गले मे पड़ जाएगा। भारत सरकार द्वारा सऊदी अरब सरकार को जैद की क्षमा याचना के लिए भेजे गए आवेदन का अभी तक जवाब नहीं आया है। जैद के भाई सुहैल ने बताया कि नोटिस मिलने के बाद से मां रिहाना, बहन मुजस्सिमा औ नाजिमा का रो-रोकर बुरा हाल है। घर पर रिश्तेदारों का आवागमन लगा हुआ है।
उधर, कुछ जानकारों ने बताया कि सऊदी अरब में मादक पदार्थों की तस्करी और उसके सेवन के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान है। यह सजा अक्सर सऊदी अरब की सख्त न्याय प्रणाली और ड्रग्स के खिलाफ उनके कड़े कानून के कारण होती है।