परीक्षितगढ़। गांव झब्बापुरी में भतीजे सुल्तान के निकाह से पहले मढे की दावत में संरक्षित पशु का वध करने वाले रज्जाक और उसके बेटे उस्मान को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। पैर में गोली लगने से दोनों घायल हो गए। पुलिस ने उपचार के बाद दोनों के अलावा दूल्हे की चाची रज्जाकबीबी समेत सात आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया। दूल्हे सुल्तान समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
गांव झब्बापुरी कुंडा संपर्क मार्ग पर संरक्षित पशु के कटान की सूचना पर मंगलवार को हिंदू परिषद व राष्ट्रीय गो दल एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सीओ सदर देहात शिव प्रताप सिंह से आरोपियों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि झब्बापुरी निवासी सुल्तान का मंगलवार को ही निकाह होना तय था। उसके चाचा रज्जाक ने अपने बेटे उस्मान के साथ मिलकर मंढे की दावत में घर में पाले हुए संरक्षित पशु का वध कर दिया था। सुल्तान के घर से 10 किलो मांस बरामद हुआ।
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि पुलिस ने दूल्हे सुल्तान समेत 12 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। मंगलवार को ही सुल्तान बरात लेकर किठौर क्षेत्र के गांव बागवाला गया था। पुलिस ने बरात में ही दबिश देकर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि दूल्हा सुल्तान बिना निकाह कराए ही भाग गया। पकड़े गए रज्जाक और उसके बेटे उस्मान को मंगलवार देर रात परीक्षितगढ़ थाना पुलिस जीप में बैठाकर गोकशी के उपकरण बरामद करने के लिए अपने साथ झब्बापुरी के जंगल में ले गई। वहां उन्होंने उपकरणों के नीचे छिपा रखा अवैध तमंचा निकालकर पुलिस पर फायर कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने से दोनों घायल हो गए।
एसपी देहात ने बताया कि दोनों का मेरठ जिला अस्पताल में उपचार कराया गया। पुलिस ने बुधवार को उक्त दोनों के अलावा आरोपी फारूख, शाहरूख, रज्जाकबीबी पत्नी रज्जाक, नजाकत निवासी खिजरी यमुनानगर हरियाणा, अरसद निवासी चौसाना जनपद शामली को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया। दूल्हे सुल्तान, मानु, गुज्जर, आबिद, इमरान आदि की तलाश की जा रही है।